रामनगर: आदमखोर संघर्ष पर लगाम की तैयारी, DFO ने फील्ड स्टाफ को दी ‘क्विक रिस्पॉन्स’ की चेतावनी
रामनगर | न्यूज़ डेस्क
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के जुड़का वन परिसर में आज वन विभाग और ग्रामीणों के बीच एक अहम बैठक हुई। बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए विभाग ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘इमीडिएट एक्शन’ का रास्ता चुना है।
DFO के सख्त निर्देश: सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे टीम
प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चन्द्र आर्या ने गोष्ठी में स्पष्ट किया कि वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जैसे ही संघर्ष की सूचना मिले, बिना किसी देरी के टीम को मौके पर पहुँचकर प्रभावी कार्यवाही करनी होगी ताकि जन-हानि को रोका जा सके।
अवैध खनन और पातन पर भी होगी बड़ी स्ट्राइक
बैठक में केवल वन्यजीव संघर्ष ही नहीं, बल्कि जंगल की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। DFO ने रेंज के स्टाफ को अवैध पातन, अवैध खनन और अतिक्रमण की रोकथाम के लिए सतत निगरानी रखने और माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

