जसपुर कैंप में मसीहा बनकर उभरे एसडीएम अभय सिंह: बुजुर्ग मां की आंखों के आंसू पोंछकर पेश की मानवता की मिसाल, ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन से जीता सबका दिल
अज़हर मलिक
जसपुर में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ शिविर केवल शिकायतों के निस्तारण का केंद्र नहीं बना, बल्कि एसडीएम अभय सिंह की संवेदनशीलता के चलते यह उन बेसहारा लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन गया जो अपनों के ही सताए हुए थे। शिविर के दौरान माहौल तब गमगीन हो गया जब एक बुजुर्ग मां, अपनी आंखों में बेबसी का सैलाब लेकर एसडीएम अभय सिंह और जिला अध्यक्ष मनोज पाल के सामने पहुंची।
इस मां का दर्द इतना गहरा था कि सुनने वाले हर शख्स की आंखें नम हो गईं; जिस मां ने अपनी पूरी संपत्ति बेटों के नाम कर दी, उसी के एक बेटे ने अपना हिस्सा बेचकर दूसरे भाई के घर में जबरन कब्जा कर लिया और अब अपनी ही मां और भाई का मानसिक उत्पीड़न कर उन्हें घर से बेदखल करने पर आमादा है। एसडीएम अभय सिंह ने न केवल उस मां के दर्द को एक बेटे की तरह धैर्यपूर्वक सुना, बल्कि उनकी पीड़ा को समझते हुए तुरंत मौके पर ही जांच के कड़े निर्देश जारी किए और आश्वस्त किया कि किसी भी सूरत में मां के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
एसडीएम अभय सिंह की कार्यशैली की प्रशंसा पूरे शिविर में चर्चा का विषय बनी रही, क्योंकि उन्होंने केवल इसी एक मामले में नहीं, बल्कि ऐसी दर्जनों दर्द भरी शिकायतों पर बिना समय गवाए त्वरित निर्णय लिए। किसी के जमीन का विवाद हो या किसी असहाय की पेंशन का मामला, अभय सिंह एक तेजतर्रार अधिकारी के साथ-साथ एक न्यायप्रिय मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आए। उनकी इस त्वरित न्याय प्रणाली और पीड़ितों के प्रति करुणा भाव ने जनता के बीच प्रशासन की छवि को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। लोगों का कहना है कि अगर हर अधिकारी अभय सिंह जैसी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा दिखाए, तो कोई भी गरीब या बुजुर्ग खुद को लाचार महसूस नहीं करेगा। जिला अध्यक्ष मनोज पाल के साथ मिलकर एसडीएम ने जिस प्रकार पीड़ितों के घावों पर मरहम लगाया, उसने यह साबित कर दिया कि धामी सरकार के अधिकारी जनता की सेवा के लिए चौबीसों घंटे तत्पर हैं
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