तो क्या अब बदल जाएगा एनडीटीवी, क्या अब कोई स्वतंत्र न्यूज़ चैनल तैयार होगा, या फिर सोशल प्लेटफार्म पर ही मिलेगी स्वतंत्र आज़ाद पत्रकारिता

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तो क्या अब बदल जाएगा एनडीटीवी, क्या अब कोई स्वतंत्र न्यूज़ चैनल तैयार होगा, या फिर सोशल प्लेटफार्म पर ही मिलेगी आज़ाद पत्रकारिता

देश का जाना माना न्यूज़ चैनल एनडीटीवी के बिकने की खबर के बाद, लोगों के जहन में अब काफी सवाल उठने लगे हैं, क्या रवीश कुमार कोई नया चैनल ज्वाइन करेंगे या फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ही और निडर निष्पक्ष पत्रकारों की तरह रवीश कुमार भी दिखाई देंगे या फिर अब निडर निष्पक्ष ईमानदार पत्रकारों का ग्रुप बनाकर देश के अंदर कोई बड़ा सेटेलाइट न्यूज़ चैनल खोलने की तैयारी है, ऐसे और भी सवाल हैं जिनका जवाब सिर्फ समय ही दे सकता है क्योंकि देश के अंदर नजदीकी ही चुनाव आने वाले हैं सभी राजनीतिक पार्टियां चुनावों को लेकर सक्रिय दिखाई दे रही है,

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लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्षी पार्टियां सड़कों पर महंगाई बेरोजगारी, भ्रष्टाचार ऐसे अन्य और भी दर्जनों सारे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरने घेरने में लगी है तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी भी लोकसभा चुनाव को तीसरी बार जीतने के लिए पूरी तैयारी में जुटी है लोकसभा चुनाव की तैयारी के बीच एनडीटीवी का करीब 30 फ़ीसदी हिस्सा बिकना, एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का उसे खरीदना, बहुत सारी बातों की तरफ़ इशारा बातो की ओर इशारा करती हुई दिखाई दे रही है , जैसा कि आप सभी जानते हैं, कि देश का सैटेलाइट न्यूज़ चैनल एनडीटीवी मात्र एक अनोखा ऐसा चैनल था जो बेरोजगारी भ्रष्टाचार जनित मुद्दों पर जीरो ग्राउंड लाकर जनता तक पहुंचाता था

 

लेकिन 30 फ़ीसदी हिस्सा बिकने की खबर ने देश की जनता को अचंभित कर दिया आप को बताते चलें कि, एशिया के जाने-माने और अमीरों की गिनती में नंबर वन आने वाल गौतम अडानी ग्रुप ने मीडिया कंपनी एनडीटीवी के परोक्ष रूप से करीब 30 फ़ीसदी सपने नाम करा लिया, मिली जानकारी के हिसाब से अदानी ग्रुप ने एनडीटीवी के 26 फ़ीसदी हिस्सेदारी और खरीदने के लिए ओपन ऑफर भी भेजा है , इस बात से आप खुद ही अनुमान लगा लीजिए कि अडानी समूह का इरादा एनडीटीवी पर मालिकाना हक जताने का है यदि अदानी द्वारा भेजे गए ऑफर कामयाब होता है तो एनडीटीवी की कुल हिस्सेदारी में 55 फ़ीसदी हक अडानी का हो जाएगा,

तो वहीं दूसरी और एनडीटीवी के प्रबंधक ने अदानी समूह के इस कदम पर हैरानी जताई है, और कहां है कि इस डील के बारे में उन्हें कुछ भी मालूम नहीं, एनडीटीवी को लेकर चर्चाओं के इस बाजार में अब नया रुख देखने को मिल रहा है न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, गुरुवार को एनडीटीवी ने अडानी समूह के प्रयास को रोकने की कोशिश की है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ,एनडीटीवी ने इस बारे में रेगुलेटरी पाबंदियों का हवाला देते हुए कहा है, कि अडानी ग्रुप की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकती है.स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक़

, एनडीटीवी के संस्थापक प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय पर साल 2020 से प्रतिभूति (शेयर) बाज़ार में शेयर ख़रीदने और बेचने पर प्रतिबंध लगा हुआ है, इसलिए वे लोग अडानी समूह को उन शेयरों का ट्रांसफ़र नहीं कर सकेंगे जिनके आधार पर अडानी एनडीटीवी का मालिकाना हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.प्रणॉय रॉय एनडीटीवी के प्रमोटर्स के नाम कंपनी का 15.94 फ़ीसदी हिस्सा हैं, साथ ही उनकी पत्नी और राधिका रॉय की कंपनी 16.32 फ़ीसदी हिस्सा बताया जा रहा है, प्रणॉय और राधिका ही आरआरपीआर के प्रोमोटर्स थे, इस कंपनी के पास एनडीटीवी के 29.18 फ़ीसदी शेयर थे.रीटेल निवेशकों के पास कंपनी के 12.57 फ़ीसदी शेयर हैं, कॉर्पोरेट संस्थाओं के पास एनडीटीवी का 9.61 फ़ीसदी हिस्सा है, जबकि फ़ॉरेन पोर्टफ़ोलियो इन्वेस्टर्स यानी एफ़पीआई के पास 14.7 फ़ीसदी शेयर हैं. अन्य के पास कंपनी की 1.67 फ़ीसदी हिस्सेदारी है.,

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