अवैध संचालन कर रहे यूनिसन नर्सिंग होम में लापरवाही के दौरान महिला की मौत का मामला, सील होने के बाद, अब मुकदमा दर्ज, बिना पंजीकरण चलता रहा नर्सिंग होम, रूटीन निरीक्षण पर सवाल
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बहेड़ी : नगर के बाईपास स्थित यूनिसन नर्सिंग होम में ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जांच में खुलासा हुआ कि यूनिसन नर्सिंग होम स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत ही नहीं था, इसके बावजूद लंबे समय से संचालन किया जा रहा था।
बहेड़ी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पिपरिया रंजीत निवासी गीता (33) पत्नी राजपाल को बच्चेदानी में गांठ की शिकायत पर यूनिसन नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत बिगड़ने पर समय पर सही इलाज नहीं दिया गया और इलाज करने वाला तथाकथित डॉक्टर अस्पताल छोड़कर फरार हो गया। कुछ ही देर में महिला की मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति नियंत्रित की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की, जिसमें प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही सामने आई। इसके बाद नर्सिंग होम को सील किया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना किसी वैध पंजीकरण के नर्सिंग होम कैसे संचालित होता रहा और जिन रूटीन निरीक्षणों का दावा किया जाता रहा, वे आखिर कहां थे।
सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद से नर्सिंग होम संचालक और तथाकथित डॉक्टर फरार हैं। मामले में अब आज मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
महिला की मौत के बाद हुई कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग के रूटीन निरीक्षण और अवैध नर्सिंग होम पर कार्रवाई के दावों की सच्चाई उजागर कर दी है।