बढ़ती चोरियों के लिए क्या नशेड़ी ज़िम्मेदार ?
यामीन विकट
ठाकुरद्वारा : नगर में लंबे अरसे से नशे का काला कारोबार किशोरावस्था से लेकर अधेड़ उम्र के लोगो तक के लिए नासूर बन गया है लेकिन इस गम्भीर समस्या को लेकर कोतवाली पुलिस का अबतक का रवैया काफी मायूस करने वाला रहा है जिसका परिणाम यह है कि जंहा एक ओर युवा पीढ़ी नशे की गर्त में जाकर अपनी और अपने परिवार की ज़िंदगी को दांव पर लगा रही हैं वंही शायद छोटी मोटी चोरियां कर नशेड़ी अपनी जरूरत भी पूरी करने में लग गए हैं।
जी हां नगर व क्षेत्र में इन दिनों नशे का कारोबार खूब तेज़ी से फल फूल रहा है और किशोरावस्था से लेकर उम्रदराज लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इस तरह के मामले अक्सर उस समय कोतवाली पुलिस के समक्ष रखे जाते हैं जब कोतवाली में अमन कमेटी की कोई बैठक होती है।अक्सर इन बैठकों में उच्चाधिकारियों के सामने गिने चुने वक्ताओं को माइक थमा दिया जाता है जो कोतवाली पुलिस की तारीफ करते हुए न थकते हैं और न ही माइक को आसानी से छोड़ते हैं ऐसे में कुछ बुद्धिजीवी नगर की नशे की समस्या को भी रखते हैं।
लेकिन उसके बाद फिर कोई बन्दा माइक थामकर कोतवाली पुलिस की तारीफ के पुल बांधने शुरू कर देता है और बात आई गयी हो जाती है जबकि ये समस्या इतनी गम्भीर होती जा रही है कि इसी के कारण अक्सर नशेड़ी न केवल आपस भिड़ जाते हैं बल्कि कभी कभी ये झगड़े बड़ा रूप भी ले लेते हैं। कुछ लोगो का ये भी मानना है कि नगर व क्षेत्र में बढ़ रही चोरी तथा बाइक चोरी की घटनाएं भी इन्ही नशेड़ियों के द्वारा अंजाम दी जा रही हैं ताकि उनकी नशे की लत के लिए पैसा मिल सके। जंहा तक कोतवाली पुलिस का सवाल है तो अभी तक कोतवाली पुलिस उन बड़े नशे के कारोबारियों को छू भी नहीं सकी है जो बाहर से लाकर नशे के सामान की सप्लाई छोटे कारोबारियों को करते हैं।
यदा कदा किसी नशेड़ी को ज़रुर कोतवाली पुलिस द्वारा पकड़ लिया जाता है लेकिन उसकी दयनीय हालत को देखकर उसे छोड़ देने में ही पुलिस अपनी भलाई समझती है। कोतवाली पुलिस के इसी संदिग्ध रवैये के चलते नगर में नशे के इस कारोबार की दिन दूनी और रात चौगुनी तरक्की हो रही है। यही रवैया आगे भी जारी रहा तो चोरी और बाइक चोरी की घटनाओं को रोकना नामुमकिन ही साबित होगा।