बरेली पुलिस में बड़ा फेरबदल, निरीक्षक-उपनिरीक्षकों के तबादले, कई थानों की कमान बदली, कोतवाली से लेकर साइबर सेल तक बड़ा बदलाव, देखें सूची…
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली: जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसिंग को धार देने के लिए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जारी आदेश के तहत करीब 18 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के तबादले कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बदलाव में शहर के अहम और संवेदनशील थानों के साथ-साथ क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और एएचटीयू जैसी महत्वपूर्ण यूनिट्स को भी शामिल किया गया है, जिससे साफ है कि विभाग व्यापक स्तर पर सिस्टम को रीसेट करने की तैयारी में है, इस फेरबदल में खास बात यह रही कि कई प्रमुख थानों की कमान बदल दी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को उनके प्रदर्शन और अनुभव के आधार पर महत्वपूर्ण शाखाओं में शिफ्ट किया गया है।
कोतवाली-इज्जतनगर-बारादरी में बड़ा बदलाव:
धनंजय कुमार पांडेय को बारादरी से हटाकर कोतवाली का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है, जो शहर का सबसे अहम थाना माना जाता है। वहीं सुरेश चन्द्र गौतम को कोतवाली से इज्जतनगर भेजा गया है। इसके साथ ही विजेन्द्र सिंह को इज्जतनगर से हटाकर बारादरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन तीनों थानों में बदलाव को रणनीतिक माना जा रहा है।
क्राइम ब्रांच और कैंट में अदला-बदली:
संजय कुमार धीर को क्राइम ब्रांच इन्वेस्टिगेशन विंग से हटाकर कैंट थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि राजेश कुमार को कैंट से क्राइम ब्रांच भेजा गया है। इस अदला-बदली को अपराध नियंत्रण और जांच में तेजी लाने के तौर पर देखा जा रहा है।
साइबर सेल और थानों में नई तैनाती:
हरेंद्र सिंह को शीशगढ़ से साइबर सेल में भेजा गया है, जो बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर अहम माना जा रहा है। जितेन्द्र सिंह को सुभाषनगर से शीशगढ़ और सतीश कुमार को थाना सुभाषनगर की जिम्मेदारी दी गई है।
रिजर्व लाइन भी अछूती नहीं:
कुछ अधिकारियों को रिजर्व पुलिस लाइन भेजा गया है, जिन्हें आगे जरूरत के हिसाब से तैनात किया जाएगा। इसे विभागीय बैलेंसिंग और अनुशासनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
यह बड़ा फेरबदल साफ संकेत देता है कि पुलिस विभाग अब कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई के मूड में नहीं है। संवेदनशील थानों पर नए चेहरों की तैनाती और क्राइम यूनिट्स में बदलाव से यह उम्मीद जताई जा रही है कि अपराध नियंत्रण और जनता की शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी। कुल मिलाकर, यह तबादला सूची सिर्फ रूटीन ट्रांसफर नहीं बल्कि पूरे सिस्टम को एक्टिव मोड में लाने की कोशिश मानी जा रही है, जिसका असर आने वाले दिनों में जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है।




