कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस, महिला से अश्लीलता और जान से मारने की धमकी का मामला
यामीन विकट
एक ओर जहां इंसाफ की उम्मीद अदालत की चौखट से बंधी होती है, वहीं ठाकुरद्वारा से आई इस घटना ने दिखा दिया कि जब स्थानीय पुलिस आंख मूंद ले, तो कानून का दरवाजा खटखटाना ज़रूरी हो जाता है।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि गांव के जगजीत सिंह, जयवीर सिंह, महावीर सिंह, प्रदीप सिंह और विरेंद्र सिंह उससे पुरानी रंजिश रखते हैं और 23 मई की सुबह करीब 8:30 बजे इन सभी ने उसके आने-जाने वाले रास्ते को जबरन खोदकर पैड़ी बनानी शुरू कर दी। विरोध करने पर उन्होंने पहले तो जमकर गाली-गलौच और मारपीट की, और जब वह किसी तरह जान बचाकर अपने घर पहुंची, तो आरोपी उसके पीछे-पीछे घर में घुस आए और न सिर्फ उसके साथ अभद्रता और अश्लील हरकतें कीं, बल्कि जब उसका पति बीच-बचाव को आया, तो उसके साथ भी मारपीट कर दी और जान से मारने की धमकी दी। महिला की शिकायत को पहले गंभीरता से नहीं लिया गया, लेकिन आखिरकार कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सवाल ये है कि क्या अब इन आरोपियों पर कानून का शिकंजा सख्ती से कसेगा या फिर ये मामला भी रजिस्टर की स्याही में धुंधला पड़ जाएगा?