बीवी-बच्चों के सामने ‘डेथ वारंट’ फाड़ने वालों पर शिकंजा: राशिद हत्याकांड में अब ‘नब्बू’ का नाम आया सामने
अज़हर मलिक
अमरोहा। जुल्म की दास्तां जब भी लिखी जाएगी, अमरोहा का वह मंजर जरूर याद किया जाएगा जहाँ एक मामूली सी खरोंच ने एक न्यायिक कर्मी की जिंदगी की लकीर ही मिटा दी। राशिद हत्याकांड में इंसाफ का पहिया अब और तेजी से घूमने लगा है।
मंगलवार को जब पुलिस फरार चल रहे 25 हजार के इनामी नवाजिश के घर कुर्की का नोटिस चस्पा कर मुनादी कर रही थी, तभी जांच की आंच में एक और चेहरा झुलस कर बाहर आ गया। विवेचना की सान पर चढ़े इस नए आरोपी का नाम नब्बू उर्फ सादिक है। बताया जा रहा है कि यह वही शख्स है जिसने बीच सड़क पर न केवल राशिद की कार को घेरा, बल्कि दहशत फैलाते हुए कार की चाबी भी निकाल ली थी ताकि शिकार चंगुल से भाग न सके। राशिद की पत्नी रुखसार की तहरीर पर पुलिस ने अब नब्बू का नाम भी आरोपियों की फेहरिस्त में शामिल कर लिया है।
यह पूरा खूनी खेल 11 जनवरी को शुरू हुआ था, जब सिविल जज जूनियर डिवीजन के क्लर्क राशिद अपनी पत्नी, तीन मासूम बच्चों और भतीजे के साथ मुरादाबाद जा रहे थे। बंबूगढ़ के पास एक दोपहिया वाहन के मामूली रूप से कार से छू जाने पर अहंकार की ऐसी आग भड़की कि बाइक सवारों ने फोन कर पूरी ‘फौज’ बुला ली। तीन किलोमीटर तक मौत ने पीछा किया और फिर हुसैनपुर की पुलिया के पास राशिद को उनकी बिलखती पत्नी और सहमे हुए बच्चों के सामने कार से खींचकर पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। मुख्य आरोपी कलीम पहले ही मुठभेड़ के बाद सलाखों के पीछे है, और अब पुलिस नब्बू उर्फ सादिक की तलाश में जमीन-आसमान एक कर रही है। नवाजिश, जो मुख्य आरोपी का बहनोई है, उसके घर पर मुनादी कराकर पुलिस ने साफ संदेश दे दिया है कि कानून के हाथ अब हत्यारों की गर्दन के बेहद करीब हैं।