डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद ने परखी मुख्यमंत्री आरोग्य मेले की जमीनी हकीकत, लापरवाही पर सख्त चेतावनी
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर
बरेली : मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के अंतर्गत शहर के जाटवपुरा, बानखाना और मौलानगर इलाकों में संचालित अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर अचानक जांच के दायरे में आ गए। इस दौरान जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को परखते हुए दवाओं की उपलब्धता से लेकर साफ-सफाई, ओपीडी व्यवस्था, टीकाकरण और जांच सुविधाओं तक की पड़ताल की गई।
इस निरीक्षण की कमान डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी ने संभाली। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में मौजूद स्टाफ से सीधे सवाल-जवाब किए और इलाज के लिए आए मरीजों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि उन्हें वास्तव में कैसी सुविधाएं मिल रही हैं।
जांच में सामने आया कि कुछ स्थानों पर व्यवस्थाएं अपेक्षित मानकों पर खरी नहीं उतर रहीं। इस पर डॉ. अंसारी ने संबंधित कर्मचारियों को मौके पर ही फटकार लगाई और सुधार के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि काम में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
डिप्टी सीएमओ ने कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का मकसद केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आम लोगों तक समय पर, सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दवाओं की कमी, अव्यवस्थित ओपीडी या गंदगी जैसी शिकायतें अब स्वीकार नहीं की जाएंगी।
निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए गए कि ओपीडी समय से संचालित हो, टीकाकरण व जांच सेवाओं में किसी तरह की ढिलाई न हो और मरीजों के साथ संवेदनशील व शालीन व्यवहार किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भरोसा दिलाया कि निरीक्षण के दौरान चिन्हित सभी खामियों को जल्द दूर किया जाएगा, ताकि क्षेत्रवासियों को भरोसेमंद और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।