न्यायालय के आदेश के बावजूद करोड़ो की भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास, पुलिस बनी तमाशाई,
यामीन विकट
ठाकुरद्वारा : करोड़ो रूपये की भूमि पर धन बल के ज़ोर पर अवैध कब्जा करने के प्रयास का मामला सामने आया है।पीड़ित पक्ष का कहना है कि भूमि से संबंधित वाद न्यायालय में विचाराधीन है जिसमे साफ तौर पर निर्माण न करने की हिदायत दी गई है लेकिन उसके बाद भी दूसरा पक्ष भूमि में निर्माण कराये जाने की तैयारी में जुट गया है।
थाना भोजपुर क्षेत्र के ग्राम सिडलउ नज़रपुर में हाइवे से सटी लगभग एक एकड़ भूमि जिसकी वर्तमान कीमत करोड़ो रूपये की बताई जा रही है आजकल खासी चर्चाओं में है। इस भूमि को लेकर वर्तमान में दो दावेदार अपनी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं लम्बे समय से ये मामला जिला मुख्यालय स्थित न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में पीड़ित समीर ने जानकारी देते हुए बताया है कि दूसरे पक्ष के कुछ दबंग लोगो ने उनके ताऊ की उक्त भूमि गाटा संख्या 189 रकवा 409 है0 का फर्जी रूप से बैनामा किसी अन्य व्यक्ति को उनके ताऊ का पुत्र होना दर्शाकर अपने नाम पर करा लिया था। उन्होंने मामले की जानकारी होने पर न्यायालय की शरण ली थी और न्यायालय ने इस मामले में साफतौर पर आदेश जारी किया था कि उक्त भूमि पर कोई निर्माण कार्य नही किया जाएगा लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद भी दबंगों ने उक्त भूमि के चारों ओर बुनियाद खोद कर भूमि का भराव करना शुरू कर दिया और निर्माण कार्य करने के लिए भूमि में ईंट व अन्य निर्माण सामग्री भी एकत्र करना शुरू कर दिया। यंहा एक बात ये भी है कि जिस भूमि पर न्यायालय ने निर्माण कार्य करने से रोकने का आदेश दिया है उसी भूमि पर दर्जनों दबंग लोग मंगलवार को एकत्र होकर निर्माण कार्य करने की तैयारी कर रहे थे और थाना भोजपुर पुलिस इस आदेश के बाद भी मौके पर दबंगो की हिफाज़त के लिए केवल तमाशाई बनी हुई बैठी रही। इस करोड़ों रुपए की भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास के इस प्रकरण में गांव भर में पुलिस की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
लोगो का कहना है कि जब न्यायालय का आदेश है कि कोई निर्माण नही होगा तो फिर पुलिस की मौजूदगी में भूमि का भराव कराना, उसमे बुनियाद खोदना और मौके पर निर्माण सामग्री का एकत्र करना ये कंहा का इंसाफ है। इसका मतलब है कि कंही न कंही इस मामले पुलिस की भूमिका संदिग्ध है और वह भी दबंगों का साथ देने में जुटी हुई है और इसी बात का फायदा उठाकर दबंग न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने पर आमादा हैं।
