🚨 100 करोड़ की GST चोरी का भंडाफोड़! यूपी STF ने फर्जी फर्म और ई-वे बिल के गैंग के दो सरगना दबोचे 🚨
सहारनपुर में दर्ज 100 करोड़ रुपये से अधिक की गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) चोरी के एक सनसनीखेज मामले में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई उस संगठित गिरोह पर हुई है, जो फर्जी फर्मों के जाल और जाली ई-वे बिलों का इस्तेमाल करके देश के राजस्व को अरबों का चूना लगा रहा था। इस विशाल टैक्स चोरी नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में STF ने दो प्रमुख आरोपियों को गाजियाबाद से धर दबोचा है, जिससे इस गोरखधंधे में शामिल अन्य बड़े नामों के भी बेनकाब होने की उम्मीद जगी है।
कैसे दिया जाता था 100 करोड़ से ज्यादा की GST चोरी को अंजाम?
यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न शहरों में **अनेक फर्जी कंपनियां (shell companies)** बनाते थे। इन कंपनियों का कागजों पर अस्तित्व होता था, लेकिन धरातल पर उनका कोई व्यावसायिक संचालन नहीं था। इसके बाद, ये फर्जी फर्म्स वास्तविक कंपनियों को बिना माल की डिलीवरी के केवल **फर्जी ई-वे बिल (fake e-way bills)** जारी करती थीं। इन फर्जी बिलों के आधार पर वास्तविक कंपनियां इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करती थीं, जिससे सरकार को मिलने वाले GST राजस्व में सीधा नुकसान होता था। यह एक ऐसा संगठित अपराध था, जिसमें कागजी लेनदेन के जरिए करोड़ों का चूना लगाया जा रहा था।
गाजियाबाद से हुई अहम गिरफ्तारियां, खुलेगा बड़ा राज?
यूपी एसटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गाजियाबाद में घेराबंदी कर इस नेटवर्क के दो मुख्य संचालकों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि इनकी गिरफ्तारी से इस विशाल **GST धोखाधड़ी (GST fraud)** के पीछे के पूरे मास्टरमाइंड और उनके सहयोगियों का खुलासा हो सकता है। एसटीएफ को उम्मीद है कि इन आरोपियों से पूछताछ के बाद कई अन्य राज्यों और शहरों में फैले इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकेंगी। यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो फर्जीवाड़े के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास करते हैं।
यह मामला दिखाता है कि कैसे कुछ शातिर लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म और कानूनों का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर वित्तीय अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। यूपी एसटीएफ की यह कार्रवाई न सिर्फ 100 करोड़ की चोरी का पर्दाफाश करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए एक मिसाल भी कायम करेगी।