मौत के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग, पहले क्यों बंद नहीं हुआ अवैध नर्सिंग होम?, बिना रजिस्ट्रेशन चलता रहा यूनिसन नर्सिंग होम, रूटीन निरीक्षण की सच्चाई उजागर, लगातार निरीक्षण और कार्रवाई के दावे खोखले!!
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बहेड़ी: नगर के बाईपास स्थित यूनिसन नर्सिंग होम में ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि यह नर्सिंग होम स्वास्थ्य विभाग में वर्तमान में पंजीकृत ही नहीं था, इसके बावजूद धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा था। डिप्टी सीएमओ डॉ. अमित कुमार ने शुक्रवार को नर्सिंग होम को सील कर दिया, लेकिन घटना के तीन दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है।
जानकारी के अनुसार, बहेड़ी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पिपरिया रंजीत निवासी गीता (33) पत्नी राजपाल को बच्चेदानी में गांठ की शिकायत थी। परिजन उसे ऑपरेशन के लिए यूनिसन नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान अचानक हालत बिगड़ने पर समय पर उचित इलाज नहीं दिया गया, और इलाज करने वाला तथाकथित डॉक्टर अस्पताल छोड़कर फरार हो गया। कुछ ही देर में महिला की मौत हो गई।
मौत की खबर से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की तो प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही सामने आई, जिसके बाद नर्सिंग होम सील किया गया।
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि अस्पताल का विभागीय रजिस्ट्रेशन मौजूद नहीं था, फिर भी नियमित निरीक्षण होने के दावे किए जाते रहे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रूटीन निरीक्षण सिर्फ नाम के थे, अगर समय पर जांच होती तो यह हादसा टल सकता था। घटना के बाद से अस्पताल संचालक और संबंधित डॉक्टर फरार बताए जा रहे हैं।
फिलहाल विभाग ने अपनी साख बचाने के लिए तत्काल दूसरे दिन मौके पर जाकर नर्सिंग होम सील कर दिया लेकिन सवाल बड़ा है कि आखिर जो दावे किए जाते हैं कि रूटीन निरीक्षण किए जाते हुआ विभाग की तरफ से अगर ये निरीक्षण हो रहे होते तो बिना पंजीकरण के नर्सिंग होम संचालित नहीं हो रहा होता।
वहीं इस पूरे मामले पर डिप्टी सीएमओ और नोडल अधिकारी डॉ अमित कुमार का कहना है कि एफआईआर होगी, कार्रवाई चल रही है।