नाजिया बनी मीनाक्षी: मुस्लिम धर्म त्याग हिंदू रीति-रिवाज से रचाया ब्याह, विकास के साथ सात फेरे लेकर दुनिया को दी चुनौती
रायबरेली।
इश्क जब परवान चढ़ता है तो न सरहदें देखता है, न मजहब की दीवारें और न ही समाज की बंदिशें। एक ऐसा ही मामला जनपद रायबरेली से सामने आया है, जहां प्यार की खातिर एक युवती ने न सिर्फ अपना घर छोड़ा, बल्कि अपनी पुरानी पहचान को भी हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। जब लोग इस प्रेम कहानी के अंजाम को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगा रहे थे, तभी शहर के एक मंदिर में गूंजते मंत्रों और उठती अग्नि की लपटों ने उन सभी सस्पेंस पर विराम लगा दिया। यह कहानी महज दो दिलों के मिलन की नहीं, बल्कि एक नए वजूद और एक नए नाम के उदय की भी है।
मामला जनपद के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जुड़ा है, जहां शहर कोतवाली की रहने वाली नाजिया और मिल एरिया थाना क्षेत्र के निवासी विकास के बीच बीते दो वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। धर्म अलग होने के कारण राह आसान नहीं थी, लेकिन प्यार में डूबे इस जोड़े ने दुनिया के दस्तूरों के आगे झुकने के बजाय अपने रिश्ते को एक मुकम्मल अंजाम देने का फैसला किया। नाजिया ने स्वेच्छा से मुस्लिम धर्म त्याग कर हिंदू धर्म अपनाया और अब वह दुनिया के लिए ‘मीनाक्षी’ बन चुकी हैं। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों के संरक्षण में आयोजित हुए इस विवाह समारोह में आस्था और प्रेम का अनूठा संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मीनाक्षी ने विकास के साथ सात फेरे लिए और जन्म-जन्मांतर के बंधन में बंध गईं। सबसे खास बात यह रही कि इस संवेदनशील मोड़ पर दोनों पक्षों के अभिभावक भी मौजूद रहे, जिससे इस प्रेम विवाह को सामाजिक स्वीकृति की मुहर भी मिल गई। फिलहाल, ‘नाजिया’ से ‘मीनाक्षी’ बनने के इस सफर और मंदिर में हुई इस शादी की चर्चा अब पूरे जनपद में जोरों पर है।