सद गुरु ब्रह्मज्ञान देकर भक्तों की तन,मन धन,की गरीबी दूर करता है
यामीन विकट
ठाकुरद्वारा : रविवार को निरंकारी सत्संग भवन पर मासिक साधसंगत का आयोजन किया गया,जिसमें मुरादाबाद से आये
रमेश भारती जी ने सद्गुरु के विचारों को साधसंगत के समक्ष रखते हुए बताया कि हमें सद्गुरु के चरणो में आकर तन,मन,धन की सेवा की भावना से कार्य करना चाहिए।सत्संग सुखो की औषधि होता है तथा संगत की इच्छा हमें भोजन की तरह होनी चाहिए।अगर सुख को सदा चाहते हो तो हमें राम की शरण लेनी पड़ेगी तथा अंहकार को मिटाना पड़ेगा। भारती जी ने सद्गुरु के विचारों को आगे बताते हुए कहा की पूर्ण सद्गुरु ब्रह्म ज्ञान देकर भक्तों की तन,मन,धन की गरीबी दूर करता है तथा सद्गुरु एक धर्म की धरती है, यह कामनाओं का नाश करता है। और अपने भक्तों आवागमन के चक्कर से मुक्ति देता है। मुखी ब्रह्म प्रकाश गुप्ता जी ने भी समस्त संगत को समय से सत्संग में पहुंचने का आव्हान किया। लंगर की सेवा सभासद हेमेंद्र प्रताप सिंह की ओर से रही।
इस दौरान मंच संचालन नरेश चंचल ने किया तथा सत्संग में डॉ रामकुमार,राकेश कश्यप, ओमप्रकाश सिंह ,मुकेश कुमार ,डॉक्टर नरेश कुमार, राजबाला,ईशम देवी ,रितु गुप्ता ,मुस्कान ,प्रतिभा, लकी सविता, दीपक , महिपाल सिंह सहित सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया।