मौत के विवाद में घिरने वाला शिवा नर्सिंग होम बिना रजिस्ट्रेशन फिर से चालू — लोगों की जिंदगी कितनी सस्ती हो गई? नोडल अधिकारी सीएमओ ने साधी चुप्पी!!
शानू कुमार बरेली
बरेली से इस वक्त सबसे ज्यादा खौफनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां आंवला तहसील में स्थित शिवा नर्सिंग होम बिना रजिस्ट्रेशन के चालू पाया गया है, जबकि यही वही विवादित नर्सिंग होम है जहां जुलाई 2025 में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत हुई थी। उस मौत के बाद डिप्टी सीएमओ ने नर्सिंग होम को सील करवाया था, एफआईआर भी दर्ज हुई थी और पूरा मामला शहर में हड़कंप मचा चुका था।
लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि जिस नर्सिंग होम पर जांच, सीलिंग और एफआईआर हुई—वही नर्सिंग होम सितंबर से अब तक कैसे धड़ल्ले से संचालित हो रहा है? क्या बरेली स्वास्थ्य विभाग की नजरों में लोगों की जान सचमुच इतनी सस्ती हो चुकी है कि बिना लाइसेंस अस्पतालों को भी मौत बाँटने की खुली छूट दी जा रही है?
एमओआईसी डॉ विनय पाल के मुताबिक पीड़ित परिवार और संचालक के बीच समझौता हो गया, लेकिन समझौता जरूर हो गया, समझौता लाइसेंस का विकल्प नहीं होता, और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हुई। इसके बावजूद शिवा नर्सिंग होम में मरीजों का इलाज किया जा रहा है, और यह पूरी कहानी बरेली स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का सबसे गंदा उदाहरण बनकर सामने आई है।
इधर एमओआईसी विनय पाल का बयान भी सवालों में है। उनका कहना है कि संचालक को 5 दिन का समय देकर रजिस्ट्रेशन कराने को कहा गया है, उसके बाद कार्रवाई लिखकर भेजी जाएगी। लेकिन बड़ा सवाल वही — जब अस्पताल पहले ही बिना रजिस्ट्रेशन के पकड़ा गया, महिला की जान जा चुकी, सीलिंग हो चुकी, एफआईआर दर्ज हो चुकी — तो वह दोबारा कैसे खुल गया? और किसके इशारे पर इतना बड़ा खेल चल रहा है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरेली में अवैध क्लिनिक, बिना डॉक्टरों वाली नर्सिंग होम और बिना लाइसेंस अस्पताल लगातार बढ़ रहे हैं, और यह पूरा खेल जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही या मिलीभगत के बिना मुमकिन नहीं। अगर सील्ड नर्सिंग होम भी फिर से खुल सकते हैं तो बाकी अवैध अस्पतालों को कौन रोकेगा?

आंवला के इस केस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि स्वास्थ्य विभाग की नाकामी सीधे लोगों की जान पर बन सकती है, और एक सवाल आज हर नागरिक पूछ रहा है—
क्या बरेली में मौत भी अब लाइसेंस मांगना छोड़ चुकी है?
क्या विभाग अब भी सोया रहेगा, या फिर मौत देने वाले इस नर्सिंग होम पर कड़ी कार्रवाई करके यह बताएगा कि कानून सिर्फ कागजों पर नहीं, ज़मीन पर भी लागू होता है?
