प्राचीन शिव मणि मन्दिर की भूमि पर अवैध कब्जे ने लिया नया मोड़, आरोप है कि 17 बीघा के स्थान पर लगभग 25 बीघा भूमि है मन्दिर के पास

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प्राचीन शिव मणि मन्दिर की भूमि पर अवैध कब्जे ने लिया नया मोड़, आरोप है कि 17 बीघा के स्थान पर लगभग 25 बीघा भूमि है मन्दिर के पास,

यामीन विकट

ठाकुरद्वारा। नगर के मुरादाबाद रोड पर स्थित प्राचीन शिव मणि मंदिर की कमेटी को लेकर नगर निवासी अंशुल अग्रवाल पुत्र अतुल कुमार अग्रवाल ने जिलाधिकारी और मण्डलायुक्त को एक शिकायती पत्र देकर समाज के एक ही वर्ग के लोगों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि मणि मन्दिर का अग्रवाल समाज के ही कुछ लोग गैर कानूनी तरीके से संचालन कर रहे हैं और इतने वर्षों से मढ़ी का कोई विकास नहीं किया है।अंशुल अग्रवाल ने कहा की शिव मणि मंदिर का क्षेत्रफल राजस्व अभिलेखों में 17 बीघा है।आरोप है कि मणि मन्दिर कमेटी द्वारा अपने रकबा से अधिक लगभग 25 बीघा भूमि पर कब्जा कर रखा है। और यह भी आरोप लगाया है की इन्हीं लोगों ने कई वर्षों से मणि मंदिर पर कब्जा कर रखा है और उक्त लोगों का मकसद मन्दिर का विकास न होकर केवल अपना वर्चस्व कायम रखना है। यह लोगअपनी सोसाइटी का पंजीकरण कराना चाहते हैं जिससे मंदिर पर उनका वर्चस्व कायम रहे। अंशुल अग्रवाल ने यह आरोप भी लगाया है कि मणि मन्दिर के कमरों में गैरकानूनी कार्य किए जाते हैं।उन्होंने उच्चाधिकारियों से अपील की है कि मणि मंदिर का संचालन से उक्त कमेटी के अध्यक्ष और सचिव को रोका जाए। बताते चलें कि हाल ही में मणि मन्दिर की तथाकथित कमेटी द्वारा मन्दिर की भूमि पर अवैध कब्जा करने के प्रयास की शिकायत उपजिलाधिकारी से की गई थी लेकिन बाद में मालूम हुआ कि स्वम् मन्दिर के पास 17 बीघा जमीन के स्थान पर लगभग 25 बीघा जमीन है। अंशुल अग्रवाल का कहना है कि जितना रकवा मन्दिर की भूमि राजस्व अभिलेखों में है पहले वो अपना रकवा पूरा कर लें उसके बाद बाकी लोगों की भूमि से अपना कब्जा छोड़कर उनके असली मालिको को सौंप दी जाए।उन्होंने ये भी कहा है कि वे जब भी इस बात को मन्दिर कमेटी के लोगो से करते हैं तो उल्टे उनपर ही अनर्गल आरोप लगा दिए जाते हैं और अवैध कब्जा ज्यों का त्यों बना रहता है। अब देखना होगा कि इस मामले में तेज़तर्रार उपजिलाधिकारी द्वारा क्या कदम उठाए जाते हैं।

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