आरक्षण की मांग को लेकर भावाधस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री, व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एस डी एम को दिया,
यामीन विकट
ठाकुरद्वारा : मंगलवार को भावाधस भीम, भावाधस चंद्रपाल अनार्य, आधस, तथा उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने जुलूस व प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी मनी अरोड़ा को सौंपकर अति दलित वाल्मीकि समाज को अलग आरक्षण देने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि 1 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यों की खंडपीठ द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के संबंध में एक आदेश जारी किया गया जिसमें आरक्षण का वर्गीकरण का आदेश दिया गया है और कहा गया है कि अनुसूचित जाति में जो अति दलित जातियां हैं उनको अलग से आरक्षण दिया जाए ताकि उनका भी विकास किया जा सके। उत्तर प्रदेश में एक बहुत बड़ा वर्ग अति दलित वंचित जातियों का निवास करता है जिन्हें देश की आजादी से आज तक आरक्षण का लाभ नहीं मिल सका है। कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश की न्याय प्रिय सरकार से आशा जगी है कि वह भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पारित कर अति दलित वाल्मीकि समाज को अलग से आरक्षण की व्यवस्था करेंगे।
वही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आने के बाद एक जाति समूह द्वारा इसका लगातार विरोध किया जा रहा है और 21 अगस्त का भारत बंद का ऐलान किया गया है जिसका समस्त अति दलित वाल्मीकि समाज बहिष्कार करता है। और सरकार से मांग करता है कि जो लोग भारत बंद कर रहे हैं वह गलत कर रहे हैं उनसे निपटने के लिए उचित कार्रवाई की जाए। जिससे उत्तर प्रदेश के किसी भी नागरिक की जनहानि ना हो। जब तक सरकार द्वारा अति दलित वाल्मीकि समाज को अलग आरक्षण नहीं मिल जाता वह लगातार आंदोलन करते रहेंगे।
ज्ञापन देने वालों में- मुकेश चौधरी, राहुल राही, सतीश पारछे, सुभाष चौधरी, राजकुमार आदिवासी, देवेंद्र नागपाल, राजेश मंत्री, राकेश दानव, रमेश चौधरी, सुरेश फौजी, किरेंद्र, अंकित वाल्मीकि, अनिल वाल्मीकि, अक्षय वाल्मीकि,दीपक सहदेव, महेंद्र सिंह, धर्मेंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार, संजय कुमार, विजय कुमार, आशु वाल्मीकि,मोनू सम्राट, मुनेश कुमार, रंजीत कुमार, देव सिंह नाशवान, अमित कुमार, राजकुमार राजा, जयप्रकाश, मुकुल वाल्मीकि, अमन चौधरी, लकी, निशांत,