अपडेट: मरीजों से वसूली और दस्तावेज़ की कमी! शहर के नामचीन तीन अस्पतालों पर आयुष्मान योजना जांच का शिकंजा, 3 दिन में दस्तावेज तलब
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली: आयुष्मान भारत योजना के तहत संचालित निजी अस्पतालों में अनियमितताओं के खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। सीएमओ के औचक निरीक्षण में खामियां सामने आने के बाद श्री भोला नाथ ग्लोबल हॉस्पिटल, ग्लेन कैंसर हॉस्पिटल और नारायण हॉस्पिटल को विभाग की ओर से नोटिस जारी कर सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ तीन दिन के भीतर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ डॉ विश्राम सिंह बीते हफ्ते में इन तीनों निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान आयुष्मान योजना के तहत इलाज के बावजूद मरीजों से पैसे लेने, आवश्यक एनओसी उपलब्ध न होने और रिकॉर्ड अधूरे मिलने की स्थिति सामने आई थी। कई मामलों में अस्पताल प्रबंधन मौके पर ही आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका था।
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने अब औपचारिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जारी नोटिस में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े क्लेम रिकॉर्ड, पैनल से संबद्धता से जुड़े दस्तावेज, एनओसी, स्टाफ डिटेल, इलाज से संबंधित रजिस्टर और अन्य जरूरी अभिलेख तलब किए गए हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, दस्तावेजों की जांच के बाद यह तय किया जाएगा कि अस्पतालों ने नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं। यदि तय समयसीमा में संतोषजनक जवाब और वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो संबंधित अस्पतालों के खिलाफ आयुष्मान पैनल से हटाने, जुर्माना लगाने या पंजीकरण निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग का साफ कहना है कि आयुष्मान भारत योजना में किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। औचक निरीक्षण के बाद जारी नोटिस को विभागीय कार्रवाई की पहली ठोस कड़ी माना जा रहा है।