वायरल प्रचार डायरी से स्वास्थ्य विभाग में मची हलचल बरेली मंडल में सरकारी डॉक्टरों के नाम, पद और पोस्टिंग निजी हॉस्पिटल की डायरी में शामिल, डॉ फ़िरासत हुसैन, डॉ हुमा खान का नाम भी शामिल!!

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वायरल प्रचार डायरी से स्वास्थ्य विभाग में मची हलचल बरेली मंडल में सरकारी डॉक्टरों के नाम, पद और पोस्टिंग निजी हॉस्पिटल की डायरी में शामिल, डॉ फ़िरासत हुसैन, डॉ हुमा खान का नाम भी शामिल!!

शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश

बरेली मंडल में एक निजी अस्पताल से जुड़ी कथित प्रचार डायरी के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में कुछ सरकारी डॉक्टरों के नाम, उनके पद और तैनाती दर्ज होने की चर्चा है। इस खुलासे के बाद सरकारी व्यवस्था की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

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सूत्रों के अनुसार, इस डायरी का इस्तेमाल कथित तौर पर मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रेफर करने के उद्देश्य से किया गया बताया जा रहा है। यदि जांच में इसकी पुष्टि होती है तो इसे सेवा नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है। यही वजह है कि मामला अब सिर्फ वायरल तस्वीरों तक सीमित न रहकर विभागीय जिम्मेदारी और निगरानी पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।

 

 

वायरल सामग्री सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग के भीतर आंतरिक समीक्षा और तथ्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू होने की चर्चा है। कई कर्मचारी इसे स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा संवेदनशील मामला मान रहे हैं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि प्रचार गतिविधियां डॉक्टरों की जानकारी में थीं या किसी अन्य स्तर पर गलत इस्तेमाल किया गया।

 

 

👉 इस मामले में जिन नामों की चर्चा सामने आई है, उनमें

डॉ हुमा खान — बदायूं जिले में तैनात

और

डॉ फिरासत हुसैन — जनपद पीलीभीत में तैनात

का उल्लेख किया जा रहा है।

 

हालांकि संबंधित पक्षों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कुछ सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि मरीजों को निजी संस्थानों की ओर निर्देशित किया गया है, तो यह मरीज अधिकारों और सरकारी सेवा मूल्यों के खिलाफ माना जा सकता है।

 

वहीं यह भी चर्चा है कि उक्त डायरी किसी बाहरी नेटवर्क तक पहुंचने के बाद सार्वजनिक हुई, जिससे मामला और गंभीर हो गया।

 

 

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच और स्थिति स्पष्ट करने की मांग तेज होती जा रही है। लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में विभाग क्या कदम उठाता है और क्या तथ्य सामने आते हैं।

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