सन्त महात्मा जब जब धरती पर आते हैं, चारों ओर सुगन्ध फैलाते हैं,
यामीन विकट
ठाकुरद्वारा : रविवार को निरंकारी सत्संग भवन पर मासिक साधसंगत का आयोजन हुआ। इस दौरान प्रचारक तहसीलदार और बाबूराम सिंह संयोजक,बिजनौर ने सतगुरु के विचारों को साधसंगत के समक्ष पेश किया।
प्रचारक जी ने कहा कि जब जब धरती पर धर्म की हानि होती है,तब परमात्मा सद्गुरु के रूप में अवतार लेता है और अपने भक्तों को ब्रह्म ज्ञान देकर उनका कल्याण करता है। सद्गुरु सदैव अभियान मिटाने आते हैं। ब्रह्म ज्ञानी चेतन रहते हुए अपने जीवन को सतगुरु के आदेश अनुसार व्यतीत करता है।
सतगुरु बताता है कि सब में एक ही नूर है। जाति-धर्म के बंधनों से मुक्त करते हुए ब्रह्म ज्ञान देकर जीवन को सहज बनाता है तथा ईश्वर को जानकार ही हमें भक्ति करनी चाहिए।सद्गुरु की भक्ति करने से मनुष्य को दैहिक,दैविक और भौतिक कष्ट नहीं होते हैं। क्षेत्रीय संचालक गुरूदयाल सिंह ने कहा कि संत महात्मा जब धरती पर आते हैं हर तरफ सुगंध फैलाते हैं।
मुखी ब्रह्म प्रकाश गुप्ता ने कहा कि हमें सत्संग को महत्व देना चाहिए तथा सेवादल संचालक डॉक्टर रामकुमार ने आई हुई साधसंगत का धन्यवाद किया।
मंच संचालन प्रेम प्रकाश सिंह ने किया तथा सत्संग में हरपाल सिंह, गुरदयाल सिंह,रघुनाथ सिंह ,दीपक कुमार ,चंद्र कौशिक, योगेश, कुलदीप ,ओम प्रकाश सिंह ,हेमेंद्र प्रताप सिंह, कृषि वैज्ञानिक दीपक कुमार, जयप्रकाश सिंह, मुखलाल सिंह, वंदना रानी, ईसम देवी,मुस्कान, प्रीति राजबाला ,मेघा अग्रवाल, पूनम शर्मा, शशि ,माला सिंह, कृपा देवी, संगीता, निशा आदि ने भाग लिया।