अंकिता भंडारी प्रकरण: ‘पार्टी की प्रतिष्ठा के लिए नैतिकता जरूरी’, आंदोलनकारी ललित काण्डपाल ने की सीबीआई जांच और इस्तीफे की मांग
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी ललित काण्डपाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। काण्डपाल ने भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक शक्ति और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा आज देश की सबसे सशक्त राजनीतिक शक्ति है,
जो अपनी पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए जानी जाती है। हालांकि, उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का जिक्र करते हुए चिंता जताई कि इस मामले में कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम चर्चा में आना जनमानस में गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये चर्चाएं भले ही अंतिम न्यायिक निष्कर्ष न हों, लेकिन लोकतंत्र में जनभावनाओं और नैतिकता का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने सरकार से पुरजोर मांग की है कि इस हत्याकांड की पुनः निष्पक्ष जांच सीबीआई (CBI) के माध्यम से कराई जाए ताकि उठ रहे सभी सवालों का पटाक्षेप हो सके। काण्डपाल ने मशविरा दिया कि ऐसे संवेदनशील समय में पार्टी की गरिमा बनाए रखने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को नैतिक आधार पर ‘स्वैच्छिक त्यागपत्र’ जैसे कदम उठाने चाहिए, जिससे न केवल संगठन की प्रतिष्ठा बढ़ेगी बल्कि जनता का विश्वास भी और अटूट होगा।