अंकिता के आँसुओं का सैलाब बना जन-आक्रोश: लालकुआँ में भाजपा प्रभारी का पुतला फूँक कांग्रेस ने फूँका न्याय का बिगुल, CBI जाँच की उठी गूँज!
उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की आत्मा आज भी न्याय की प्रतीक्षा में भटक रही है, और इसी दर्द की तड़प जब सड़कों पर उतरी तो लालकुआँ का रेलवे स्टेशन चौराहा नारों और आक्रोश की ज्वाला से दहक उठा। नगर कांग्रेस अध्यक्ष भुवन पांडे के नेतृत्व में जुटे कार्यकर्ताओं की आँखों में सिर्फ गुस्सा ही नहीं, बल्कि अंकिता को न्याय न दिला पाने का मलाल भी साफ दिखाई दे रहा था।
इस जोरदार प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि अंकिता हत्याकांड में भाजपा के बड़े चेहरों का नाम सामने आना एक बेहद गंभीर और विचलित करने वाला विषय है, जो यह साबित करता है कि सत्ता के रसूखदार लोग इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को बचाने के लिए ढाल बने हुए हैं। वक्ताओं ने बेहद भावुक और कड़े स्वर में आरोप लगाया कि भाजपा शुरू से ही अपने प्रभावशाली नेताओं को संरक्षण दे रही है, जो कि हमारी न्याय व्यवस्था पर एक सीधा प्रहार है। कांग्रेस ने मांग की है कि दुष्यंत गौतम की तत्काल गिरफ्तारी हो और इस पूरे मामले की निष्पक्षता के साथ सीबीआई जांच कराई जाए ताकि वे चेहरे बेनकाब हो सकें जिन्हें अब तक व्यवस्था की परछाइयों में छिपा कर रखा गया है।
कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस्तीफे की मांग बुलंद करते हुए दो टूक चेतावनी दी कि जब तक अंकिता को इंसाफ नहीं मिलता और दोषियों को बचाने वालों को सजा नहीं मिलती, कांग्रेस का यह संघर्ष थमेगा नहीं। इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन में युवा नेता हेमवती नन्दन दुर्गापाल, पुष्कर दानू, हेमन्त पांडे, कमल दानू, मोहन कुड़ाई, रविशंकर तिवारी, कमलेश यादव, प्रदीप पर्थाल, शाहिद अहमद और गोविन्द दानू सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एक सुर में उत्तराखंड की बेटी के लिए न्याय की आवाज उठाई।