खनन माफियाओं के ‘फन’ पर डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य का कड़ा प्रहार, कोसी की लहरों पर तराई पश्चिमी वन प्रभाग की सर्जिकल स्ट्राइक
रामनगर के कोसी क्षेत्र में एक बार फिर खनन माफियाओं ने अपने फन उठाने की कोशिश की, लेकिन तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य के चाक-चौबंद तंत्र ने उनके इरादों को धूल चटा दी। डीएफओ के सख्त तेवरों और स्पष्ट रणनीति का ही नतीजा है कि वन विभाग की टीमें इन दिनों ‘एक्शन मोड’ में हैं और अवैध खनन के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही हैं। आज इसी कड़ी में कोसी नदी के बंजारी प्रथम गेट पर उपप्रभागीय वन अधिकारी के नेतृत्व में वन विभाग की जांबाज टीम ने घेराबंदी करते हुए अवैध खनन में लिप्त दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रंगे हाथों दबोच लिया। माफियाओं की हर चाल को मात देते हुए विभाग की इस टीम ने बिना वैध दस्तावेजों के नदी का सीना चीर रहे इन वाहनों को जब्त कर गुलजारपुर चौकी में खड़ा कर दिया है, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य के कुशल मार्गदर्शन में तराई पश्चिमी वन प्रभाग की कार्यशैली इन दिनों देखते ही बन रही है। उन्होंने न केवल सूचना तंत्र को मजबूत किया है, बल्कि हर छोटे-बड़े कर्मचारी और अधिकारी के भीतर कर्तव्य के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार किया है। रेंज कार्यालय रामनगर की हर टीम का प्रत्येक सदस्य आज पूरी मुस्तैदी के साथ जंगलों और नदियों की सुरक्षा में डटा हुआ है। वन संपदा की रक्षा के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच का यह बेहतरीन तालमेल ही है कि माफिया अब क्षेत्र में सक्रिय होने से पहले सौ बार सोच रहे हैं। डीएफओ की दूरदर्शी सोच ने वन विभाग को एक अभेद्य दुर्ग में बदल दिया है, जहां नियम तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
अवैध खनन के खिलाफ छिड़ी यह जंग महज एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य द्वारा तय किए गए उस संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के लुटेरों को जड़ से उखाड़ फेंकना है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि कोसी और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी का पहरा और भी सख्त किया जाएगा। नियमित गश्त और अचानक होने वाली इन छापेमारी ने यह संदेश दे दिया है कि तराई पश्चिमी वन प्रभाग की हर रेंज और हर चौकी पर अब माफियाओं की दाल नहीं गलने वाली। इस शानदार सफलता के बाद विभाग की टीम का मनोबल सातवें आसमान पर है और पूरी सतर्कता के साथ क्षेत्र में ‘कवच’ की तरह तैनात है।
