जिम्मेदारियों को भूल मौज मस्ती करती दिखी महिला दरोगा, डांस वीडियो वायरल होने के बाद जांच के आदेश जारी
दीपावली की रात जब हादसे होने का सबसे अधिक वह रहता है और इस को देखते हुए पुलिस सहित अन्य सरकारी विभाग एक्टिव मोड़ पर रहते हैं, तब पुलिस विभाग में सबसे संवेदनशील समझे जाने वाले डायल 112 में तैनात कुछ महिला सिपाही कंट्रोल रूम की ड्यूटी छोड़कर फिल्मी गीतों पर डांस करने के साथ उनका वीडियो बनाने में मशगूल हो रही थी। इससे भी गंभीर यह है कि इस दौरान कंट्रोल रूम में लगातार फोन घनघनाने रहे लेकिन किसी भी सिपाही ने फोन उठाने की जहमत नहीं उठाई। महिला सिपाही द्वारा बनाई गई वीडियो जब वायरल हुई तो मामले में एसएसपी ने महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच बैठा दी है। डायल 112 के कंट्रोल रूम में अधिकतर महिला सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है।आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाती है,पुलिस विभाग के नियम के अनुसार डायल 112 में किसी भी स्टाफ को बिना वर्दी के ड्यूटी करने पर रोक है।लेकिन स्टाफ समस्या का हवाला देकर या त्योहारों पर अनुमति लेकर बिना ड्रेस ड्यूटी पर आते हैं। इस मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय में सख्त हो गया है और पूरे मामले की मॉनिटरिंग की जा रही है। कोई भी दुर्घटना होने पर मदद के लिए नागरिक सबसे पहले डायल 112 पर फोन करते हैं। यहीं से आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभाग को सूचना देकर नागरिक की सहायता के लिए भेजा जाता है।लेकिन जो वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ,उससे डायल 112 के स्टाफ पर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं।वीडियो में 8 से 10 महिला सिपाही ड्यूटी के दौरान फिल्मी गीतों पर डांस करती नजर आ रही है और वीडियो में यह भी साफ नजर आ रहा है कि इस दौरान कंट्रोल रूम में लगातार फोन घनघना आ रहे हैं लेकिन महिला सिपाही डांस में मशहूर कोई भी महिला सिपाही फोन उठाने की जहमत नहीं उठा रही है।यह वीडियो दीपावली की रात का बताया जा रहा है। इस पूरे मामले को एसएसपी ने गंभीरता से लेते हुए जांच बैठा दी है और यह जांच एसपी क्राइम विशाखा अशोक भदाने को सौंपी गई है।वहीं एसपी क्राइम का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे वह सारी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी जाएगी। बता दें की उत्तराखंड में ये पहला मामला नहीं है उत्तराखंड पुलिस के कर्मचारियों को इन दिनों इंस्टाग्राम पर रेल बनाने का चस्का लगा हुआ है।फ्लावर बढ़ाने की चाह में यह शौक इतना बढ़ गया कि सिपाही से लेकर दरोगा तक रील बनाने के लिए वर्दी,सरकारी वाहन और ऑफिस का सहारा लेते हैं। पिछले दिनों भी पुलिस कर्मियों द्वारा रिल्स बनाने का मामला सामने आया था जिस पर डीजीपी ने विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।