खाकी का मानवीय चेहरा: मायूस चेहरों पर फिर लौटाई मुस्कान
रुद्रप्रयाग पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत बरामद किए 80 मोबाइल; देश के कोने-कोने से खोज निकाले कीमती फोन।
अज़हर मलिक
रुद्रप्रयाग। कहते हैं कि पुलिस का काम केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि आम जनमानस के विश्वास को जीतना भी है। इसी विश्वास को चरितार्थ करते हुए रुद्रप्रयाग पुलिस ने वर्ष 2025 में गुम हुए मोबाइलों की बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की सर्विलांस सेल और साइबर टीम की कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप देश के विभिन्न राज्यों और उत्तराखंड के दूर-दराज के जिलों से कुल 80 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। आज जब पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इन मोबाइलों को उनके असली स्वामियों को सौंपा गया, तो कई महीनों से मायूस चेहरों पर अचानक खिलखिलाती मुस्कान लौट आई।
अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर लोगों की आंखों में खुशी के आंसू और पुलिस के प्रति कृतज्ञता का भाव साफ देखा जा सकता था। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कीमत लाखों में आंकी गई है, लेकिन मालिकों के लिए इनकी असली कीमत उनमें सुरक्षित उनका निजी डेटा और यादें थीं।
रुद्रप्रयाग पुलिस की इस कार्यप्रणाली की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। पुलिस ने केवल जिले के भीतर ही नहीं, बल्कि तकनीकी सर्विलांस की मदद से दूसरे राज्यों में चल रहे मोबाइलों को भी ट्रैक कर सफलतापूर्वक रिकवर किया। यह अभियान दर्शाता है कि यदि पुलिस ठान ले, तो तकनीक के सही इस्तेमाल से जनता की छोटी से छोटी समस्या का समाधान भी मुमकिन है।
“मोबाइल गुम होने पर उम्मीद छोड़ चुके लोगों के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस का यह प्रयास एक नई किरण बनकर आया है। खाकी की इस संवेदनशीलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ‘मित्र पुलिस’ वास्तव में आपकी सेवा में सदैव तत्पर है।”
