लालकुआँ हाईवे बना ‘मौत का बाज़ार’! NH-109 पर साप्ताहिक हाट से मंडराया बड़े हादसे का साया, समाजसेवी मुकेश कुमार ने प्रशासन को दी चेतावनी
लालकुआँ (नैनीताल): राष्ट्रीय राजमार्ग 109 पर लालकुआँ नगर पंचायत द्वारा लगाया जा रहा साप्ताहिक हाट बाज़ार अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुका है। ओवरब्रिज के समीप और वन विकास निगम डिपो संख्या-6 को जाने वाले मुख्य मार्ग पर लगने वाले इस बाज़ार ने न केवल यातायात व्यवस्था को चरमरा दिया है, बल्कि यह क्षेत्र अब एक ‘डेथ ज़ोन’ में तब्दील होता जा रहा है। हाईवे के किनारे सजने वाली फड़-ठेलों की दुकान ने सड़क को इतना संकरा कर दिया है कि यहाँ हर सप्ताह दो दिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे कभी भी कोई बड़ा और दर्दनाक हादसा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए लालकुआँ के युवा समाजसेवी एवं पत्रकार मुकेश कुमार ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिलाधिकारी नैनीताल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र भेजकर इस जानलेवा समस्या पर तत्काल लगाम लगाने की मांग की है। मुकेश कुमार ने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि बाज़ार के दिन स्थिति उस समय बेहद भयावह हो जाती है जब वन विकास निगम डिपो से लकड़ी से लदे भारी वाहन इसी भीड़भाड़ वाले मार्ग से गुजरते हैं। कई वाहनों में ओवरहाइट जड़ें और भारी लकड़ियाँ लदी होती हैं, जो बाज़ार में मौजूद हजारों राहगीरों और खरीदारों की जान के लिए सीधा खतरा पैदा करती हैं।
याद रहे कि लालकुआँ का यह इलाका पहले भी कई भीषण दुर्घटनाओं का गवाह रहा है, जहाँ ओवरब्रिज से वाहन गिरने और गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पलटने से कई परिवार उजड़ चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस की तैनाती और चालानी कार्रवाई के बावजूद नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। समाजसेवी मुकेश कुमार ने प्रशासन को सुझाव दिया है कि इस समस्या का समाधान बेहद सरल है—यदि इन फड़-ठेलों को हाईवे से हटाकर पास ही स्थित मछली बाज़ार मार्ग पर शिफ्ट कर दिया जाए, तो न केवल हाईवे जाम मुक्त होगा बल्कि संभावित दुर्घटनाओं पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।
अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस गंभीर चेतावनी के बाद जागता है या फिर किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार करता है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर इस मार्ग को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने की पुरजोर मांग की है।