उत्तराखंड में लोकतंत्र की नई सुबह स्थानीय निकाय चुनाव 2024 के लिए आरक्षण प्रक्रिया तेज

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उत्तराखंड में लोकतंत्र की नई सुबह स्थानीय निकाय चुनाव 2024 के लिए आरक्षण प्रक्रिया तेज

उत्तराखंड स्थानीय निकाय चुनाव 2024 आरक्षण प्रक्रिया को लेकर सख्त निर्देश, समय पर होगी पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया

अज़हर मलिक

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देहरादून : उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो चुकी है। 2024 के बहुप्रतीक्षित स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। शहरी विकास निदेशालय ने आरक्षण प्रक्रिया को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए जिला अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। चुनावी प्रक्रिया की हर कड़ी को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया है।

 

शहरी विकास निदेशालय ने अपने पत्र में साफ किया है कि नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के आरक्षित और अनारक्षित पदों की सूची को शीघ्र तैयार किया जाए। पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को लेकर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करते हुए, इसे स्थानीय स्तर पर लागू करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया है।

 

सरकार ने 12 दिसंबर 2024 को प्रस्तावित स्थानीय निकाय चुनावों से पहले आरक्षण स्थिति को लेकर किसी भी तरह की अनियमितता से बचने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, 30 सितंबर 2024 को राज्य द्वारा जारी पिछड़ा वर्ग आरक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।

 

शहरी विकास निदेशालय के अपर निदेशक डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने अपने पत्र में कहा है कि चुनावी प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाए।

 

राज्य में चुनावी तैयारियों को लेकर यह आदेश न केवल समयबद्धता को सुनिश्चित करता है बल्कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास भी मजबूत करता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन दिशा-निर्देशों के बाद चुनावी प्रक्रिया कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरी होती है।

 

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