शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट, इस बार इतने श्रद्धालुओं ने टेका मत्था
सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब के कपाट आज विधि विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए है। भारी बर्फबारी के बीच करीब 1500 सिख श्रद्धालुओं का जत्था अंतिम अरदास का साक्षी बना। आज सुबह 10 बजे पहली अरदास हुई और 11ः25 बजे तक सुखमणि का पाठ और शब्द कीर्तन का भी आयोजन हुआ। जिसके बाद दोपहर एक बजे गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के कपाट बंद किए गए। वहीं कपाट बंद होने के मौके पर पर भारतीय सेना की 418 लाइट इंजीनियर का दल भी मौजूद रहा। बीते दो दिनों से हो रही बर्फबारी के बावजूद संगतों की श्रद्धा और उत्साह में किसी भी प्रकार की कमी देखने को नहीं मिली। श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब में मत्था टेका। बता दें कि इस साल हेमकुंड साहिब की यात्रा 22 मई से शुरू हुई और आज समापन हुई। इस बार 2.47 लाख श्रद्धालुओं ने रश्री हेमकुंड यात्रा के दर्शन किए। उधर आज ही के दिन पूरे विधि विधान के साथ उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित हिंदुओं के पवित्र तीर्थ स्थल लक्षण लोकपाल मंदिर के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए है।