ग्राम पंचायत रामनगर में फिर लौटेगा विकास का दौर! ईशरावती की मजबूत दावेदारी ने बढ़ाया चुनावी तापमान
ग्राम पंचायत रामनगर, काशीपुर की धरती पर एक बार फिर बदलाव की बयार चल पड़ी है। प्रधान पद के लिए दावेदारी कर रहीं ईशरावती पत्नी राजेश यादव ने चुनावी मैदान में उतरकर न सिर्फ विरोधियों की नींद उड़ा दी है, बल्कि जनता के बीच एक नई उम्मीद भी जगा दी है।
ईशरावती कोई नया नाम नहीं है। ये वही चेहरा हैं जिन्होंने बतौर प्रधान अपने पिछले कार्यकाल में विकास को घर-घर तक पहुंचाया था। नाली-खड़ंजा, पक्की सड़कें, महिलाओं के लिए रोजगार योजनाएं, और युवाओं के लिए खेल मैदान — इन सब योजनाओं के पीछे कहीं न कहीं ईशरावती का विज़न और राजेश यादव का अनुभव रहा है।
आज जब पंचायत चुनाव की तारीख़ नजदीक आती जा रही है, तो ईशरावती के समर्थन में गांव की महिलाएं, बुज़ुर्ग और युवा बढ़-चढ़कर सामने आ रहे हैं। प्रचार में जोश है, समर्थन में गर्जना है, और कार्यकर्ताओं में गजब की ऊर्जा देखने को मिल रही है।
गली-गली, घर-घर, खेत-खलिहान तक प्रचार का ज़ोर है। राजेश यादव खुद दिन-रात जनसंपर्क में जुटे हुए हैं। गांव की जनता से अपील कर रहे हैं कि जो विकास अधूरा रह गया था, उसे पूरा करने का मौका दोबारा दें।
ईशरावती का चेहरा महिलाओं के लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। उनकी सरलता, मिलनसार स्वभाव और काम के प्रति प्रतिबद्धता ने गांव में उन्हें एक सशक्त नेता के रूप में स्थापित कर दिया है। लोग कह रहे हैं — “इस बार नहीं, हर बार ईशरावती”।
चुनावी समीकरण भले ही बदलते रहें, लेकिन एक बात साफ़ है — रामनगर की जनता को अब ऐसे नेतृत्व की चाह है जो बातों से नहीं, काम से विश्वास दिलाता हो।
ईशरावती और राजेश यादव की जोड़ी आज भी लोगों के दिलों में विकास, ईमानदारी और सेवा भाव का प्रतीक है।
अब देखना यह है कि गांव की जनता इस बार किस पर भरोसा जताती है, लेकिन संकेत साफ हैं – रामनगर में फिर लौटेगा विकास का दौर… और नेतृत्व होगा ईशरावती का।