सी. सदानंदन मास्टर: जिनके दोनों पैर काट दिए गए, अब बने राज्यसभा सांसद – संघर्ष की मिसाल बने केरल के शिक्षक
केरल के कन्नूर से ताल्लुक रखने वाले बीजेपी नेता और पूर्व शिक्षक सी. सदानंदन मास्टर अब भारत की संसद में अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे। राष्ट्रपति द्वारा उन्हें राज्यसभा के लिए नामांकित किया गया है। यह वही सदानंदन मास्टर हैं, जिन पर 1994 में कथित तौर पर CPI(M) के कार्यकर्ताओं ने जानलेवा हमला किया था और उनके दोनों पैर बेरहमी से काट दिए गए थे। उस वक्त वे अपनी बहन की शादी का कार्ड बांटने जा रहे थे। घटना के बाद पूरा राज्य सन्न रह गया था, लेकिन उन्होंने न हार मानी, न बदले की राह चुनी।
दुर्घटना के बाद उन्होंने कृत्रिम पैरों के सहारे चलना सीखा और बतौर शिक्षक समाज सेवा में लग गए। 2020 में रिटायर होने तक उन्होंने सैकड़ों छात्रों का जीवन संवारा। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस के संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। अब राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा सदस्य बनाए जाने के बाद पूरे देश में उनके साहस और संघर्ष की सराहना हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि सदानंदन मास्टर “अन्याय के सामने झुकने से इनकार करने की मिसाल हैं। उनका जीवन शिक्षा, सेवा और संकल्प का प्रतीक है।” केरल के इस जमीनी नेता की कहानी अब संसद के पटल पर गूंजेगी – यह हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार मानने को तैयार नहीं होता।



