उत्तराखंड मना रहा काला दिवस, आज ही के दिन आंदोलनकारियों पर चली थी गोलियां
जहां एक और आज देशभर में गांधी जयंती मनाई जाती है तो वहीं उत्तराखंड में उत्तराखंडवासी आज के दिन को काले दिवस के रूप में मनाते है। अलग राज्य की मांग को लेकर 28 वर्ष पूर्व 1994 को दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों को मुज़फ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर पुलिस प्रशासन द्वारा गोलियां बरसाई गई थी जिसमें 7 आंदोलकारी शहीद हो गए थे और सैकड़ों आंदोलकारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। राज्य के गठन के बाद रामपुर तिराहे पर राज्य आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों के लिए शहीद स्मारक बनाया गया। 2 अक्टूबर को सूबे के मुख्यमंत्री समेत कई मंत्रीगण शहीद स्मारक पर पहुंचकर शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित करते है। रामपुर शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलकारियों ने अपनी शहादत दे दी। शहीदों की कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकती उनके बलिदान के कारण ही आज पहाड़ के लोगो को उनका हक मिला है। प्रदेश गठन के बाद उत्तराखंड प्रदेश लगातार विकास की ऊंचाई पर बढ़ रहा है। इसलिए आज के दिन को उन शहीदों को नमन किया जाता है।