EXCLUSSIVE REPORT
तराई पश्चिमी वन प्रभाग की बड़ी पहल: जुड़का के जंगलों में गूंजी सुरक्षा की हुंकार, मानव-वन्यजीव संघर्ष थामने को ‘रामनगर मॉडल’ तैयार
उत्तराखंड के सघन जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा में तैनात तराई पश्चिमी वन प्रभाग अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। रामनगर की पथरीली राहों और जुड़का के घने जंगलों के बीच जब इंसान और खूंखार वन्यजीवों का सामना होता है, तो वन विभाग की जांबाज टीम ढाल बनकर खड़ी हो जाती है। इसी कड़ी में वन विभाग ने न केवल जंगलों की सुरक्षा बल्कि ग्रामीणों के साथ तालमेल बिठाकर एक ऐसी अभेद्य दीवार खड़ी करने की तैयारी की है, जिससे संघर्ष की घटनाओं पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।
रामनगर रेंज के जुड़का वन परिसर में आयोजित आज की गोष्ठी महज एक बैठक नहीं थी, बल्कि यह विभाग के उस जज्बे का प्रतीक थी जो दिन-रात जंगलों को कटने से बचाने और मासूमों की जान की हिफाजत के लिए समर्पित है।
एक्शन में प्रभागीय वनाधिकारी: “लापरवाही का समय खत्म, अब सीधा रिस्पॉन्स”
प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चन्द्र आर्या ने बैठक के दौरान अपनी सख्त कार्यशैली का परिचय देते हुए अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को दो-टूक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामलों में अब कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी। उन्होंने विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सूचना तंत्र को इतना पैना किया जाए कि वन्यजीव के आबादी की ओर रुख करते ही विभाग वहां अलर्ट मोड पर हो। आर्या ने साफ कहा कि सूचना मिलने और मौके पर पहुँचने के बीच का समय (रिस्पॉन्स टाइम) कम से कम होना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
जंगल के दुश्मनों की अब खैर नहीं: अवैध खनन और पातन पर सर्जिकल स्ट्राइक के निर्देश
जंगलों के भीतर सक्रिय माफियाओं के लिए भी विभाग ने खतरे की घंटी बजा दी है। प्रकाश चन्द्र आर्या ने अवैध पातन, अवैध खनन और अतिक्रमण को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने फील्ड स्टाफ को 24 घंटे सतर्क रहने को कहा है ताकि प्राकृतिक संसाधनों की लूट को पूरी तरह से बंद किया जा सके। विभाग का यह कड़ा रुख उन तत्वों के लिए बड़ी चेतावनी है जो जंगल की संपदा को नुकसान पहुँचाने की ताक में रहते हैं।

इन जांबाज अधिकारियों और ग्रामीणों ने संभाली कमान
इस महत्वपूर्ण गोष्ठी में उप प्रभागीय वनाधिकारी किरण शाह और वन क्षेत्राधिकारी डी०एन० सुनाल ने भी अपनी विशेषज्ञ राय रखी। फील्ड स्तर पर मोर्चा संभालने वाले जांबाज कर्मचारियों में विरेन्द्र प्रसाद पाण्डे (वन दरोगा), प्रमोद कुमार पन्त (वन दरोगा), मो० इमरान (वन दरोगा), जगजीत सिंह (वन दरोगा), तारिक हमीद (वन दरोगा), केएम नीमा, गुलशेर सिंह, इकरामुद्दीन और तारिक हमीद सहित पूरे फील्ड स्टाफ ने एकजुटता दिखाई।

जनप्रतिनिधियों का साथ:
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि अमरप्रीत सिंह, हरदीप सिंह, गजपाल सिंह, हरजोत सिंह, सतपाल सिंह और गबिन्दर सिंह ने विभाग के प्रयासों की सराहना की और ग्रामीणों को विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आह्वान किया। भारी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने भी विभाग की इस नई कार्ययोजना पर भरोसा जताया।
