बजट से पहले ही बिगड़ा काशीपुर का बजट; सिगरेट-गुटखे पर अवैध वसूली, क्या सो रहा है प्रशासन?
काशीपुर। सरकार द्वारा तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने के आदेश क्या आए, काशीपुर के मुनाफाखोरों की चांदी हो गई। आदेश अभी पूरी तरह जमीन पर उतरा भी नहीं कि शहर के दुकानदारों ने आम जनता की जेब पर ‘डाका’ डालना शुरू कर दिया है। आलम यह है कि सिगरेट, गुटखा और पान मसाले के पैकेटों पर प्रिंट रेट (MRP) से कहीं ज्यादा वसूली की जा रही है, और जिम्मेदार अधिकारी गहरी कुंभकरणी नींद में सोए हुए हैं।
MRP हुई बेमानी, अपनी मर्जी का रेट वसूल रहे दुकानदार
काशीपुर के मुख्य बाजार से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, तंबाकू उत्पादों की किल्लत पैदा कर कृत्रिम महंगाई (Artificial Inflation) पैदा की जा रही है। ₹10 वाले गुटखे के पाउच और सिगरेट पर ₹2 से ₹5 तक की अवैध वसूली सरेआम हो रही है। जब ग्राहक विरोध करता है, तो दुकानदार स्टॉक खत्म होने या पीछे से महंगा मिलने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
अधिकारियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
हैरानी की बात यह है कि शहर में सरेआम हो रही इस लूट की जानकारी शायद ही प्रशासन को न हो। लेकिन अभी तक खाद्य आपूर्ति विभाग या प्रशासन की ओर से इन मुनाफाखोरों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों की यह “रहस्यमयी चुप्पी” जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। क्या विभाग केवल कागजी आदेशों का इंतजार कर रहा है, या फिर मुनाफाखोरों को खुली छूट दे दी गई है?
जनता में आक्रोश: कब होगी छापेमारी?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि टैक्स बढ़ने की तारीख अभी दूर है, लेकिन दुकानदारों ने आज से ही पुराने स्टॉक को नए और ऊंचे दामों पर बेचना शुरू कर दिया है। यह सीधे तौर पर उपभोक्ता अधिकारों का हनन है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत हरकत में आए और औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर इन कालाबाजारियों पर शिकंजा कसे।
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“नियम क्या कहता है?”
किसी भी उत्पाद को उसके प्रिंट रेट (MRP) से एक पैसा भी ज्यादा बेचना कानूनन अपराध है। यदि कोई दुकानदार ऐसा करता है, तो उस पर भारी जुर्माना और दुकान का लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है। काशीपुर की जनता अब जिलाधिकारी से इस दिशा में सख्त कदम उठाने की उम्मीद लगाए बैठी है।