काशीपुर की हवा में जहर घोलने वालों पर चला नगर निगम का डंडा; खुले में कूड़ा जलाया तो अब भरना होगा भारी जुर्माना!
अज़हर मलिक
काशीपुर : स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में शहर को नंबर-1 बनाने की कवायद अब और सख्त हो गई है। नगर निगम काशीपुर ने वायु प्रदूषण के खिलाफ जंग छेड़ते हुए ‘वायु प्रदूषण जागरूकता सप्ताह’ के तहत मैदान संभाल लिया है। शुक्रवार को अभियान के पांचवें दिन निगम की टीम ने उन लोगों को कड़ा सबक सिखाया जो खुले में कूड़ा जलाकर पर्यावरण और जनता की सेहत से खिलवाड़ कर रहे थे।
मेयर दीपक बाली और नगर आयुक्त रविन्द्र सिंह बिष्ट के कड़े रुख के बाद निगम की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में औचक छापेमारी की और जहाँ भी खुले में कचरा या अपशिष्ट जलाते पाया गया, वहाँ बिना किसी रियायत के तत्काल चालानी कार्रवाई की गई। निगम का यह एक्शन उन लोगों के लिए एक साफ चेतावनी है जो स्वच्छता नियमों को ताक पर रखते हैं। अभियान का नेतृत्व कर रहे स्वास्थ्य एवं सफाई निरीक्षक मनोज बिष्ट ने मौके पर लोगों को समझाया कि कूड़ा जलाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह सांसों के जरिए शरीर में जहर घोल रहा है, इसलिए नागरिकों को शहर को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त रखने में अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
इस मुहिम में शहर की महिलाओं ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी से मिसाल पेश की है, जहाँ स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं ने घर-घर और गली-गली जाकर मोर्चा संभाला। इस जागरूक दल में गौरा गिरीशा समूह से रेनू नौटियाल, कुलंद से कमलेश, श्रद्धा से मधु, हुनर से फरीदा, संस्कार से मीनाक्षी, सक्षम से ज्योति और नई दृष्टि से सुनीता ने अपनी टीमों के साथ बेहतरीन कार्य किया। अभियान को सफल बनाने में नगर निगम की टीम के साथ-साथ ‘भाषासूत्र’ कंपनी की आरजू पाल और पीएमयू (PMU) टीम का विशेष सहयोग रहा। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान 10 जनवरी तक और अधिक तेजी से चलेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। निगम ने समस्त नागरिकों से अपील की है कि कूड़े को आग के हवाले न करें क्योंकि आपका एक छोटा सा कदम शहर की हवा को शुद्ध बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
