वक्फ संपत्तियों पर मंडरा रहा है कानूनी खतरा! अधिवक्ता अली अनवर की मुतवल्लियों को 15 मार्च तक की अंतिम चेतावनी

Advertisements

वक्फ संपत्तियों पर मंडरा रहा है कानूनी खतरा! अधिवक्ता अली अनवर की मुतवल्लियों को 15 मार्च तक की अंतिम चेतावनी

 

क्या आपकी वक्फ संपत्ति सुरक्षित है या रडार पर? 15 मार्च के बाद बदल जाएंगे कायदे!

Advertisements

उधम सिंह नगर/उत्तराखंड: ज़रा सोचिए, क्या एक छोटी सी डिजिटल अनदेखी आपकी वक्फ संपत्ति के अस्तित्व पर कानूनी तलवार लटका सकती है? जी हां, उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर एक ऐसी डेडलाइन करीब आ रही है, जिसे नजरअंदाज करना मुतवल्लियों और कमेटियों के लिए भारी पड़ सकता है। राज्य में ‘उम्मीद’ (UMEED) पोर्टल अब महज़ एक विकल्प नहीं, बल्कि वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा का एकमात्र डिजिटल किला बन चुका है। अधिवक्ता अली अनवर ने कुमाऊं मंडल समेत पूरे प्रदेश की वक्फ कमेटियों को आगाह करते हुए साफ कर दिया है कि 15 मार्च 2026 वह आखिरी तारीख है, जिसके बाद कानून का रुख सख्त होने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो संपत्तियां अब तक इस पोर्टल पर दर्ज नहीं हुई हैं, वे न केवल सरकारी रिकॉर्ड से ओझल हैं, बल्कि भविष्य में गंभीर कानूनी विवादों का केंद्र भी बन सकती हैं।

अधिवक्ता अनवर के मुताबिक, यह प्रक्रिया पारदर्शिता लाने और संपत्तियों के संरक्षण के लिए अनिवार्य की गई है, लेकिन इसके बावजूद कई जिम्मेदार लोग अब भी ‘वेट एंड वॉच’ की मुद्रा में हैं। यह शांति किसी बड़े जुर्माने या दंडात्मक कार्रवाई का अलार्म हो सकती है, क्योंकि निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद शासन और प्रशासन का रवैया पूरी तरह बदल जाएगा। वक्फ कमेटियों के पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने अपील की है कि वे कागजी कार्रवाई को तुरंत अंतिम रूप दें और पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करें। डिजिटल रिकॉर्ड न होने की सूरत में होने वाले नुकसान की भरपाई बाद में संभव नहीं होगी। किसी भी तकनीकी उलझन या कानूनी सलाह के लिए उन्होंने 9012117080 नंबर भी जारी किया है, ताकि 15 मार्च की रात तक राज्य की हर वक्फ संपत्ति डिजिटल रूप से सुरक्षित हो सके और भविष्य के ‘तालेबंदी’ जैसे हालात से बचा जा सके।

Advertisements
THE GREAT NEWS

THE GREAT NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *