मण्डलभर के अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर सख्त एक्शन शुरू, कमिश्नर के सख्त निर्देश, पूरे मंडल में होगी व्यापक जांच, लगातार मिल रहीं थीं शिकायतें, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भी विशेष निगरानी, वैधता से लेकर संचालन तक हर पहलू की होगी पड़ताल
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली : बरेली मंडल में अल्ट्रासाउंड केंद्रों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मण्डलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में हुई मण्डलीय समीक्षा बैठक में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए सभी संबंधित जिलों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि क्षेत्र में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की गहन और व्यापक जांच सुनिश्चित की जाए।
मण्डलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों की वैधता, पंजीकरण, संचालन प्रणाली और नियमों के अनुपालन की बारीकी से जांच की जाए। खास तौर पर बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी रखते हुए जांच प्रक्रिया को गंभीरता से अंजाम दें।
सूत्र बताते हैं कि पिछले कुछ समय से मंडल के विभिन्न क्षेत्रों, खासकर ग्रामीण इलाकों से अल्ट्रासाउंड केंद्रों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। कई स्थानों पर बिना मानकों के संचालन, संदिग्ध गतिविधियों और नियमों के उल्लंघन की चर्चाएं प्रशासन तक पहुंची थीं। यही वजह है कि अब इस पूरे मामले को प्राथमिकता में लेते हुए सख्त रुख अपनाया गया है।
बैठक में यह भी संकेत दिए गए कि जांच केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का भी आकलन किया जाएगा। जिन केंद्रों पर गड़बड़ी पाई जाएगी, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर कानूनी कार्रवाई तक शामिल हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाए और जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही, सभी संबंधित आंकड़ों और रिपोर्ट्स को समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि कार्रवाई में देरी न हो।
मण्डलायुक्त के इस सख्त रुख के बाद पूरे मंडल में अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है। कई केंद्र अब अपने दस्तावेजों और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं, जबकि प्रशासनिक टीमें भी जल्द ही बड़े स्तर पर जांच अभियान शुरू करने की तैयारी में हैं।
यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत बड़े खुलासे और कार्रवाई सामने आ सकती है।



