सरकारी पद और एसोसिएशन कनेक्शन पर सवाल, बरेली में डिप्टी CMO डॉ. लईक अहमद फिर चर्चा में, रजिस्ट्रेशन से जुड़े पद पर रहते हुए एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष रहने का दावा, वायरल प्रमाण पत्र से उठे सवाल

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सरकारी पद और एसोसिएशन कनेक्शन पर सवाल, बरेली में डिप्टी CMO डॉ. लईक अहमद फिर चर्चा में, रजिस्ट्रेशन से जुड़े पद पर रहते हुए एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष रहने का दावा, वायरल प्रमाण पत्र से उठे सवाल

शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश 

बरेली : बरेली में स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी की दोहरी भूमिका चर्चा का विषय बन गई है। जिले में डिप्टी सीएमओ और वर्तमान में अल्ट्रासाउंड के नोडल अधिकारी के पद पर तैनात डॉ. लईक अहमद अंसारी, इंटलेक्चुअल सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (ISWA) के शुरुआती दौर में कोषाध्यक्ष के पद पर रहे हैं, इस स्थिति को लेकर अब स्वास्थ्य महकमे में निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

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जानकारी के अनुसार, जिस समय डॉ. लईक अहमद एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष की भूमिका में रहे हैं उसी दौरान वे सरकारी कुर्सी भी संभाल रहे थे। वर्तमान में वे अल्ट्रासाउंड सेवाओं के नोडल अधिकारी और डिप्टी सीएमओ के रूप में कार्यरत हैं। ऐसे में अलग-अलग समय पर नियामक जिम्मेदारियों और एसोसिएशन में भूमिका को लेकर “हितों के टकराव” की आशंका जताई जा रही है।

 

 

 

दरअसल, नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी निजी स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी, निरीक्षण और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना होती है। वहीं ISWA जैसे संगठन सामाजिक और निजी क्षेत्र से जुड़े लोगों का समूह माने जाते हैं। ऐसे में एक ही व्यक्ति का नियामक भूमिका और किसी एसोसिएशन में पदाधिकारी रहना प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े करता है।

 

इसी बीच विभाग में यह चर्चा भी है कि संबंधित अधिकारी को सीएमओ बरेली डॉ विश्राम सिंह के करीबी के रूप में देखा जाता है। साथ ही उनका बरेली से जुड़ा होना भी उनके प्रभाव को मजबूत करने वाले कारक के रूप में चर्चा में है। हालांकि, इन बिंदुओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इन्हीं आधारों पर विभाग के भीतर पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

 

वहीं जानकारी के मुताबिक सरकारी पद पर तैनात अधिकारी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूरी तरह निष्पक्ष रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करे। वहीं किसी संगठन से जुड़ाव, खासकर पदाधिकारी के रूप में, निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर सकता है।

 

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वर्तमान में डॉ. लईक अहमद का उक्त एसोसिएशन से कोई सक्रिय जुड़ाव है या नहीं, लेकिन शुरुआती दौर में उनकी भूमिका और उस समय की जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा तेज है। इसी आधार पर स्वास्थ्य विभाग के भीतर और बाहर दोनों स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या ऐसी दोहरी भूमिकाएं सेवा नियमों की भावना के अनुरूप हैं।

 

वहीं डॉ लईक अहमद पर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष पद पर होने की मुहर तब लगी जब सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण का कथित प्रमाण पत्र वायरल होने लगा और प्रमाण पत्र की सदस्य सूची में डॉक्टर लईक अहमद के नाम के आगे कोषाध्यक्ष लिखा है। फिलहाल हम इस प्रमाण पत्र और सूची की पुष्टि नहीं करते।

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