रामनगर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र मालधनचौड़ में आज सिर्फ एक जयंती नहीं मनाई गई, बल्कि एक ऐसा इतिहास रचा गया जिसने सामाजिक एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की नई मिसाल पेश कर दी।

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रामनगर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र मालधनचौड़ में आज सिर्फ एक जयंती नहीं मनाई गई, बल्कि एक ऐसा इतिहास रचा गया जिसने सामाजिक एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की नई मिसाल पेश कर दी।

                     सलीम अहमद साहिल 

 

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बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मालधनचौड़ की धरती पर जो दृश्य देखने को मिला, वह सामान्य नहीं था—वह असाधारण था, प्रेरणादायक था और कहीं न कहीं पूरे देश के लिए एक संदेश भी था। यहां राजनीति के अलग-अलग रंग एक ही मंच पर समाहित होते दिखाई दिए। कांग्रेस , भाजपा, बहुजन समाज पार्टी सहित विभिन्न दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और आम जनता सभी ने अपने-अपने मतभेदों को किनारे रखकर एकजुट होकर बाबा साहब की जयंती धूमधाम से मनाई। हजारों लोगों की मौजूदगी में निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को “जय भीम” के नारों से गुंजायमान कर दिया। जहां तक नजर जाती, वहां सिर्फ जनसैलाब और वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दे रही थीं—मानो पूरा मालधनचौड़ एक विचार, एक भावना और एक सम्मान में एकजुट हो गया हो।

 

 

आमतौर पर ऐसे आयोजनों में राजनीतिक दल अलग-अलग मंचों से अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं, लेकिन मालधनचौड़ ने इस परंपरा को तोड़ते हुए एक नई इबारत लिखी। यहां नेताओं और जनता ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन जब बात संविधान निर्माता, सामाजिक न्याय के प्रतीक और भारत के पहले कानून मंत्री बाबा साहब अंबेडकर की आती है, तो पूरा समाज एक साथ खड़ा होता है।

 

 

बाबा साहब का जीवन केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, शिक्षा और समानता की एक जीवंत मिसाल है। उन्होंने कहा था

शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो, और मालधनचौड़ की यह एकता उसी विचारधारा की सजीव झलक प्रतीत हुई।

उन्होंने यह भी कहा था कि संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज नहीं, बल्कि यह जीवन जीने का माध्यम है, और आज उसी संविधान के प्रति सम्मान इस आयोजन में साफ नजर आया।

 

 

डॉ. अंबेडकर ने समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनका सपना था एक ऐसा भारत, जहां बराबरी हो, भेदभाव न हो और हर व्यक्ति को अपने अधिकारों के साथ जीने का अवसर मिले। मालधनचौड़ की इस पहल ने उनके उसी सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है।

 

 

रामनगर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र से निकला यह संदेश केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है कि लोकतंत्र की असली ताकत एकता में है, और जब समाज एकजुट होता है, तो इतिहास अपने आप बन जाता है।

 

 

मालधनचौड़ ने आज यह साबित कर दिया कि बाबा साहब केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचार हैं—और जब यह विचार जागता है, तो समाज बदलने की ताकत अपने आप पैदा हो जाती

 

बाबा साहब की भव्य शोभा यात्रा निकालने के बाद राजकीय इंटर कॉलेज मालधनचौड़ में ग्राउंड मे जनप्रतिनिधियो ने आम जनता के साथ एक विशाल जनसभा का आयोजन करते हुए बाबा साहब के जीवन पर विस्तृत चर्चा करते हुए उनके द्वारा किए गए संघर्ष को याद किया गया और इसी कार्यक्रम स्थल पर इस पुरे कार्यक्रम का समापन हुआ।

 

कार्यक्रम मे शामिल जनप्रतिनिधि- रमेश पंडित, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस, प्रेम आर्य मंडल अध्यक्ष भाजपा, ओम प्रकाश ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस, बसंती आर्य पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामनगर, अनीता आर्य जिला पंचायत सदस्य भाजपा, हरीश दफाटी चैयरमैन किसान सहकारिता समिति, कमल किशोर मुन्ना पूर्व मण्डल अध्यक्ष भाजपा, समाजसेवी मेहन्द्र आर्य, शंकर उजाला कांग्रेस कार्यकर्त्ता, समाजसेवी इंद्रजीत सिंह, एडवोकेट रणजीत सिंह, ग्राम प्रधान गीता देवी मालधनचौड़, गोपाल प्रसाद पूर्व ग्राम प्रधान मालधनचौड़, मोहन एम.पी पूर्व चैयरमैन किसान सहकारी समिति, कु. मीरा पूर्व जिला पंचायत सदस्य कांग्रेस, मदन कुमार शिल्पकार, सतेंद्र कुमार ग्राम प्रधान मालधन न.5, जगमोहन ग्राम प्रधान चंद्रनगर, राहुल काण्डपाल पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य गांधीनगर, गुरदीप सिंह डारेक्टर किसान सहकारी समिति, मनमोहन आर्य, मनमोहन उर्फ़ दीपू आदि हजारों की संख्या मे जनता मौजूद रही

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