तराई पश्चिमी वन प्रभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध खनन और लकड़ी तस्करी पर चला विभाग का डंडा, 6 ट्रैक्टर और 3 बाइक जब्त
अज़हर मलिक
रामनगर। वन संपदा के लुटेरों और अवैध खनन माफियाओं के विरुद्ध तराई पश्चिमी वन प्रभाग ने आज एक बड़ी घेराबंदी करते हुए उनके मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया। प्रभागीय वनाधिकारी के कुशल निर्देशन और उप प्रभागीय वनाधिकारी (रामनगर) के प्रभावी नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने गश्त के दौरान पापड़ी और ज्वालावन क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर भारी सफलता प्राप्त की है।
आज दिनांक 22 अप्रैल 2026 को जब पूरा प्रशासन मुस्तैद था, तभी वन सुरक्षा बल और रामनगर रेंज के स्टाफ ने पापड़ी के जंगलों में दबिश दी। यहाँ आर.बी.एम. का अवैध खनन कर ले जा रही 06 ट्रैक्टर ट्रालियों को रंगे हाथों दबोच लिया गया। वन विभाग की इस अचानक कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया। पकड़े गए सभी 06 वाहनों को तुरंत वन अभिरक्षा में लेकर अग्रिम विधिक कार्यवाही हेतु पापड़ी चौकी परिसर में सीज कर दिया गया है।
कार्रवाई यहीं नहीं रुकी; वन विभाग की टीम ने ज्वालावन क्षेत्र में भी तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त किया। यहाँ बेशकीमती सागौन की लकड़ी की तस्करी कर ले जा रही एक मोटरसाइकिल को पकड़ा गया। इसके साथ ही, विभाग की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टीम ने राजकीय गश्ती वाहनों की ‘रेकी’ (जासूसी) कर रहे दो फील्डरों की मोटरसाइकिलों को भी धर दबोचा। ये फील्डर वन विभाग की गतिविधियों पर नजर रखकर माफियाओं को सूचना पहुँचाने का काम कर रहे थे। सागौन लदी बाइक को ज्वालावन चौकी और फील्डरों की बाइकों को पापड़ी चौकी में सुरक्षित खड़ा कर दिया गया है। वन विभाग की इस चौतरफा कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि वन और वन्यजीवों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।




