मंडलायुक्त की सख्ती का असर, शीशगढ़ में 5 अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापा, 2 केंद्र बंद मिले, टेक्नीशियन करता मिला अल्ट्रासाउंड, रेडियोलॉजिस्ट नदारद, मशीन ढकी मिली, कई जगह नियमों की खुली अनदेखी
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली : बरेली मंडल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर हुई सख्ती अब जमीन पर नजर आने लगी है। मंडलायुक्त की हालिया समीक्षा के बाद प्रशासन ने कस्बा शीशगढ़ में 5 अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान श्रद्धा केयर और मां अल्ट्रासाउंड केंद्र पूरी तरह बंद मिले। वहीं बाकी केंद्रों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं रही।
श्री रामगंगा अल्ट्रासाउंड केंद्र पर टेक्नीशियन कुलदीप कुमार को अल्ट्रासाउंड करते हुए पकड़ा गया, जबकि नियमानुसार यह कार्य केवल योग्य रेडियोलॉजिस्ट ही कर सकता है। यह मामला सीधे तौर पर नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करता है।
ओम लाइक अल्ट्रासाउंड केंद्र पर तैनात रेडियोलॉजिस्ट एम यू खान निरीक्षण के समय मौजूद नहीं मिले। स्टाफ ने बताया कि वे नमाज पढ़ने गए हैं। मौके पर मशीन ढकी हुई पाई गई और बाहर बोर्ड पर 20 तारीख से अल्ट्रासाउंड बंद होने की सूचना लिखी मिली, लेकिन कोई जिम्मेदार व्यक्ति उपलब्ध नहीं था।
आयुषी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर भी कोई रेडियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं मिला, जिससे संचालन की स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं। निरीक्षण टीम ने सभी केंद्रों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी परिस्थिति में बिना रेडियोलॉजिस्ट के अल्ट्रासाउंड न किया जाए। पूरे मामले की रिपोर्ट मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को भेजी जा रही है, जिसके बाद आगे कार्रवाई तय मानी जा रही है।
मंडलायुक्त की बैठक के बाद हुई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सीधे प्रहार शुरू हो गया है। लंबे समय से चल रही शिकायतों के बीच यह छापेमारी आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों का रास्ता खोल सकती है।



