मालिकाना हक की मांग को मिला नया बल, बसंती आर्य से मिले वन ग्रामों के प्रतिनिधि और वन ग्रामों में उबल रहा वर्षों का दर्द, मालिकाना हक की मांग ने पकड़ी रफ्तार
सलीम अहमद साहिल
रामनगर के वन ग्रामों में रहने वाली हजारों जिंदगियों का संघर्ष आज का नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चला आ रहा एक ऐसा दर्द है जो समय के साथ कम होने के बजाय और गहराता गया। जिन लोगों ने जंगलों के बीच अपनी जिंदगी बसाई, जिन घरों की दीवारों ने बच्चों को जवान और जवानों को बुज़ुर्ग होते देखा, उन्हीं लोगों को आज भी अपनी ही जमीन पर मालिकाना हक नहीं मिला। हालात इतने दर्दनाक हैं कि जब भी वन विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई या बयान सामने आते हैं, तो वन ग्रामों में रहने वाले परिवारों की रातों की नींद उड़ जाती है। जिन बुज़ुर्गों ने पूरी उम्र मालिकाना हक मिलने की आस में गुज़ार दी, वो भी यह सपना दिल में लिए दुनिया से रुखसत हो गए। बदले में अगर कुछ मिला तो अतिक्रमणकारी होने का वह बदनुमा धब्बा, जिसने वर्षों से इन परिवारों के अस्तित्व पर सवाल खड़े किए। लेकिन अब इस संघर्ष को एक नया सहारा मिला है वन अधिकार अधिनियम 2006। इसी कानून के दम पर वन ग्रामों की जनता अब अपनी रिहाइश और खेती की जमीन पर हक की लड़ाई खुलकर लड़ रही है, और इस आवाज़ को बुलंद करने के लिए अब समाजसेवी और जनप्रतिनिधि भी खुलकर मैदान में उतरने लगे हैं।
इसी कड़ी में आज दिनांक 12 मई 2026 को विकासखंड स्तरीय वनाधिकार समिति की सदस्य, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामनगर एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य बसंती आर्य से ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति नई बस्ती पूछड़ी और कालू सिद्ध के प्रतिनिधिमंडल ने उनके निवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें वनाधिकार कानून 2006 की प्रति भेंट करते हुए वन ग्रामों के निवासियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
मुलाकात के दौरान बसंती आर्य ने वन ग्रामों में वर्षों से निवास कर रहे लोगों को उनका मालिकाना हक दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वन ग्रामों की जनता के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा और कानून के तहत मिलने वाले अधिकारों को दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
इस दौरान ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति नई बस्ती पूछड़ी की अध्यक्ष धना तिवारी, सचिव अंजलि रावत, सदस्य बालादत्त, वनाधिकार समिति कालू सिद्ध के सचिव सत्या पटवाल, महिला एकता मंच की सरस्वती जोशी, भगवती आर्य ने बसंती आर्य से मुलाकात की। वहीं उत्तराखंड जनमंच के महेंद्र आर्य और समाजवादी लोक मंच के मुनीष कुमार भी इस दौरान मौजूद रहे।
समिति के पदाधिकारियों ने बसंती आर्य को जानकारी देते हुए बताया कि वन ग्राम कालू सिद्ध और नई बस्ती पूछड़ी की ग्राम स्तरीय समितियों द्वारा विगत 25 अप्रैल को उपखंड स्तरीय समिति के समक्ष वनाधिकार कानून 2006 के अंतर्गत राजस्व ग्राम घोषित किए जाने का दावा साक्ष्यों और आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया जा चुका है। अब खंड स्तरीय समिति को इन दावों का परीक्षण कर उन्हें जिला स्तरीय समिति के लिए अग्रसारित करना है।
गौरतलब है कि खंड स्तरीय समिति में 5 अन्य सदस्यों के साथ बसंती आर्य का भी चयन किया गया है। ऐसे में वन ग्रामों के दावों के परीक्षण और आगे की प्रक्रिया में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वन ग्रामों की जनता अब उम्मीद भरी निगाहों से उस फैसले का इंतजार कर रही है, जो वर्षों पुराने संघर्ष को अधिकार की मंजिल तक पहुंचा सकता है।



