NEET-UG 2026 पेपर लीक का बड़ा खुलासा: ‘सीक्रेट क्लास’ में लिखवाए गए सवाल-जवाब, CBI ने खोली साजिश की परतें
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी ने इस पूरे नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि पुणे के रिटायर्ड केमिस्ट्री टीचर कुलकर्णी ने छात्रों को परीक्षा से पहले गुप्त तरीके से सवाल और उनके जवाब उपलब्ध कराए।
करीब 22 लाख छात्रों ने इस साल NEET-UG परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
अप्रैल में तैयार हुआ ‘स्पेशल ग्रुप’
सीबीआई जांच में सामने आया कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में पीवी कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर कुछ चुनिंदा छात्रों का एक विशेष ग्रुप बनाया था। मनीषा को पहले ही 14 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है।
घर पर चलती थीं ‘सीक्रेट क्लास’
जांच एजेंसी के मुताबिक कुलकर्णी ने किसी डिजिटल कॉपी या प्रिंटेड पेपर का इस्तेमाल नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने अपने पुणे स्थित घर पर ‘स्पेशल कोचिंग क्लास’ शुरू की, जहां छात्रों को सवाल, विकल्प और सही जवाब हाथ से लिखवाए जाते थे।
सीबीआई को मिले हस्तलिखित नोट्स जब असली NEET-UG 2026 के केमिस्ट्री पेपर से मिलाए गए, तो दोनों पूरी तरह मैच पाए गए। इसी के बाद जांच एजेंसी ने शिकंजा कस दिया।
NTA से संबंध होने का शक
पीवी कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर जिले के निवासी हैं और एक प्रतिष्ठित कॉलेज में केमिस्ट्री फैकल्टी रह चुके हैं। करीब चार साल पहले वह रिटायर हुए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी का नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया से संबंध था, जिसकी वजह से उन्हें गोपनीय प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिली।
हालांकि, सीबीआई ने अभी उनके पूरे नेटवर्क और भूमिका का खुलासा नहीं किया है।
कई राज्यों में CBI की ताबड़तोड़ छापेमारी
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत के बाद 12 मई को सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली। सबसे पहले 7 मई को राजस्थान में यह मामला सामने आया था।
इसके बाद जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक और अहिल्यानगर समेत कई शहरों में छापेमारी की गई। जांच एजेंसी ने मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है।
अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार
सीबीआई अब तक इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में खुलासा हुआ है कि बिचौलियों का एक नेटवर्क छात्रों से लाखों रुपये लेकर उन्हें इस ‘स्पेशल क्लास’ तक पहुंचा रहा था।
जांच के घेरे में कोचिंग संस्थान
लातूर की रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) भी अब जांच के दायरे में आ गई है। सीबीआई ने संस्थान के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर से पूछताछ की है। 28 सदस्यीय टीम ने उनके घर पहुंचकर कई लोगों से पूछताछ की।
हालांकि, अभी तक एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कोचिंग संस्थान की इस पूरे नेटवर्क में कितनी भूमिका थी।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद लाखों मेहनती छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। सोशल मीडिया पर भी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।



