सीएमओ ऑफिस में ‘एडजस्टमेंट सिस्टम’ ? तैनाती कहीं और, कुर्सी कहीं और…बरेली स्वास्थ्य विभाग की हाजिरी से लेकर ड्यूटी संचालन तक चर्चाओं में, सीएमओ ऑफिस में तैनात अब कर्मचारियों की व्यवस्था पर सवाल
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली : जिला स्वास्थ्य विभाग की अंदरूनी कार्यप्रणाली इन दिनों सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। कर्मचारियों की तैनाती, ड्यूटी आवंटन और हाजिरी व्यवस्था को लेकर विभागीय गलियारों में लगातार चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार कई कर्मचारियों की आधिकारिक पोस्टिंग स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों या ब्लॉक स्तर पर दर्ज है, लेकिन उनसे कार्य मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय अथवा अन्य स्थानों पर लिया जा रहा है।
मामला केवल तैनाती तक सीमित नहीं बताया जा रहा, बल्कि हाजिरी और ड्यूटी संचालन की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि कुछ कर्मचारियों की उपस्थिति और वास्तविक कार्यस्थल में अंतर होने के बावजूद व्यवस्थाएं लंबे समय से जारी हैं। इसे लेकर विभाग के भीतर ही नियमों के पालन पर सवाल खड़े होने लगे हैं, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कई स्थानों पर स्टाफ की कमी बताई जाती है, लेकिन दूसरी ओर कुछ कर्मचारियों की ड्यूटी “समायोजन व्यवस्था” के तहत सुविधाजनक कार्यालय में चल रही है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और कार्य विभाजन की पारदर्शिता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
रिकॉर्ड और ग्राउंड व्यवस्था में अंतर की चर्चा
विभागीय जानकारों के मुताबिक यदि कर्मचारियों की मूल तैनाती, उपस्थिति रजिस्टर, ड्यूटी चार्ट और वास्तविक कार्यस्थल का मिलान कराया जाए तो कई तथ्य सामने आ सकते हैं। यह भी चर्चा है कि कुछ मामलों में हाजिरी व्यवस्था और ड्यूटी संचालन विभागीय नियमों की भावना के अनुरूप नहीं दिखाई दे रहे। सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से चल रही इस व्यवस्था के कारण कई स्वास्थ्य इकाइयों में कार्य प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। वहीं कर्मचारियों के बीच भी असमान कार्य विभाजन को लेकर नाराजगी की चर्चाएं सामने आ रही हैं।
जांच हुई तो खुल सकते हैं कई स्तर
स्वास्थ्य विभाग के अंदर यह चर्चा तेज है कि यदि पूरे जिले में तैनाती, संबद्धीकरण, हाजिरी और वास्तविक ड्यूटी व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए तो कई स्तरों पर प्रशासनिक खामियां उजागर हो सकती हैं। हालांकि विभाग की ओर से इस विषय पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।



