उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बी. सी. खंडूरी का निधन, राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
उत्तराखंड की राजनीति से मंगलवार को बेहद दुखद खबर सामने आई।
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी (बी. सी. खंडूरी) का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।
उन्होंने देहरादून के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उनका इलाज चल रहा था।
उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे उत्तराखंड समेत देशभर के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
भाजपा नेताओं, सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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🇮🇳 सेना से राजनीति तक का प्रेरणादायक सफर
मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद बी. सी. खंडूरी राजनीति में आए थे।
उन्होंने भारतीय सेना में लंबे समय तक सेवा दी और बाद में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हुए।
खंडूरी दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे और अपनी सख्त प्रशासनिक शैली, ईमानदार छवि और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख के लिए जाने जाते थे।
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🏛️ विकास और सुशासन के लिए याद किए जाएंगे
बी. सी. खंडूरी को उत्तराखंड में पारदर्शी शासन और विकास कार्यों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहते हुए उन्होंने देश के हाईवे नेटवर्क को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई थी।
उनकी सादगी और अनुशासित जीवनशैली ने उन्हें जनता के बीच खास पहचान दिलाई।
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🙏 नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई बड़े नेताओं ने बी. सी. खंडूरी के निधन पर गहरा दुख जताया।
उन्हें उत्तराखंड की राजनीति का एक मजबूत और ईमानदार चेहरा बताया गया।
उनके निधन को राज्य और राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
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