अमेरिका में बड़ा एक्शन! भारतीय मूल के शख्स पर 25 लाख डॉलर की धोखाधड़ी, अब छिन सकती है अमेरिकी नागरिकता
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन: अमेरिका में भारतीय मूल के एक व्यक्ति पर बड़ा कानूनी शिकंजा कस गया है। देबाशीष घोष नाम के 62 वर्षीय भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक पर निवेशकों से करीब 25 लाख डॉलर की धोखाधड़ी करने और अमेरिकी नागरिकता हासिल करने के दौरान अहम जानकारी छिपाने का गंभीर आरोप लगा है। अब अमेरिकी न्याय विभाग ने उनकी अमेरिकी नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नागरिकता आवेदन में छिपाई थी बड़ी जानकारी?
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, देबाशीष घोष ने 2012 में अमेरिकी नागरिकता हासिल करते समय यह दावा किया था कि उन्होंने कभी कोई ऐसा अपराध नहीं किया जिसके लिए उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता हो। लेकिन जांच में सामने आया कि वह निवेशकों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े मामले में पहले से शामिल थे।
25 लाख डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, घोष ने विमान रखरखाव सुविधा बनाने के नाम पर निवेशकों से करीब 2.5 मिलियन डॉलर जुटाए थे। आरोप है कि इस रकम का गलत इस्तेमाल किया गया और निवेशकों को लगातार झूठी जानकारी दी जाती रही। अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि नागरिकता मिलने के बाद भी उन्होंने धोखाधड़ी जारी रखी।
अमेरिका में बढ़ी सख्ती
देबाशीष घोष उन 12 लोगों में शामिल हैं जिनके खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग ने नागरिकता रद्द करने के मुकदमे दायर किए हैं। इन मामलों में आतंकवादी संगठनों से संबंध, युद्ध अपराध, यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
क्या हो सकती है कार्रवाई?
अमेरिकी आव्रजन कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति झूठी जानकारी देकर या अहम तथ्य छिपाकर नागरिकता हासिल करता है, तो उसकी नागरिकता रद्द की जा सकती है। ऐसे मामलों में प्राकृतिक नागरिकता प्रमाणपत्र भी निरस्त किया जाता है।
भारतीय मूल के लोगों में बढ़ी चर्चा
इस मामले के सामने आने के बाद अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच भी काफी चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका अब नागरिकता और इमिग्रेशन से जुड़े मामलों में पहले से ज्यादा सख्त रवैया अपना रहा है।
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