ऊर्जा संकट की आहट के बीच अलर्ट मोड में राज्य सरकारें, पीएम मोदी की अपील के बाद 5 राज्यों में सख्त निर्देश जारी
मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और संभावित ऊर्जा संकट की आशंका के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। केंद्र सरकार की चिंता के बाद बीजेपी शासित कई राज्यों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए ऊर्जा बचत को लेकर कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और दिल्ली में प्रशासनिक स्तर पर बिजली और ईंधन की खपत कम करने को लेकर विशेष दिशा-निर्देश लागू किए जा रहे हैं।
सरकारों ने विभागों को अनावश्यक बिजली उपयोग रोकने, सरकारी दफ्तरों में ऊर्जा खपत सीमित रखने और सार्वजनिक संसाधनों के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर देने को कहा है। कई स्थानों पर रात के समय गैर-जरूरी लाइटिंग कम करने, सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग और ईंधन बचत अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालातों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाए गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से अपील करते हुए कहा था कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक जरूरत नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। उनकी इस अपील के बाद राज्यों की सक्रियता यह संकेत दे रही है कि सरकारें किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए पहले से तैयारी में जुट गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो पेट्रोल-डीजल और बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए अभी से बचत और सतर्कता बेहद जरूरी मानी जा रही है।



