नदी तट पर बिछा ‘खाकी’ का जाल: 4 डंपर ज़ब्त, ट्रॉलियों के टायर बर्स्ट, फील्डर की बाइक भी नप गई
अज़हर मलिक
हवाओं में तैरती धूल और इंजन की दबी हुई गड़गड़ाहट के बीच रामनगर के जंगलों में आज जो खेल चल रहा था, उसका अंत किसी फिल्मी क्लाइमेक्स से कम नहीं था। जब तक रफ़्तार के सौदागरों को ये समझ आता कि आज की दोपहर उनके लिए ‘आख़िरी’ साबित होने वाली है,
तब तक चारों तरफ से घेराबंदी मुकम्मल हो चुकी थी। लंबी घाट से लेकर बंजारी के शांत इलाकों तक, आज की कार्रवाई की पटकथा कुछ इस कदर लिखी गई थी कि सरकारी गाड़ी की ‘रेकी’ करने वाला शातिर फील्डर भी गच्चा खा गया। सस्पेंस और एक्शन के इस तालमेल ने अवैध खनन की दुनिया में आज एक ऐसा खौफ पैदा किया है, जिसकी गूंज दूर तक सुनाई देगी।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग की टीम ने आज एक सधे हुए और आक्रामक ऑपरेशन के जरिए अवैध खनन के सिंडिकेट को घुटनों पर ला दिया। रामनगर के जंगलों और नदी क्षेत्रों में एक साथ धाबा बोलते हुए वन सुरक्षा बल और रेंज स्टाफ ने न केवल माफियाओं के हौसले पस्त किए, बल्कि उनके बेड़े को भी तितर-बितर कर दिया। कार्रवाई की शुरुआत लंबी घाट से हुई, जहां एक डंपर को अवैध खुदाई करते हुए रंगे हाथों दबोचा गया। दिलचस्प बात यह रही कि विभाग की हर हरकत पर नज़र रखने के लिए पीछे लगी एक फील्डर की बाइक को भी टीम ने बड़ी चालाकी से अपने शिकंजे में ले लिया। इसके बाद कार्रवाई का रुख बंजारी बंद और कालु सिद्ध क्षेत्र की ओर मुड़ा, जहां से देखते ही देखते दो और डंपर ज़ब्त कर लिए गए।
मैदान-ए-जंग में तब्दील हुए इन खनन क्षेत्रों में वन विभाग की सख्ती का आलम यह था कि टीम को अपनी तरफ आता देख कई ट्रॉली चालक अपने वाहन वहीं छोड़कर घने जंगलों की तरफ भाग निकले। मौक़े पर मौजूद टीम ने फौरन कार्रवाई करते हुए चार लावारिस ट्रॉलियों के टायरों को मौके पर ही बर्स्ट कर उन्हें चलने लायक नहीं छोड़ा। ज़ब्त किए गए 04 डंपर और 01 बाइक को सुरक्षित तरीके से गुलजारपुर, कटिया पुल और पापड़ी चौकी परिसर में खड़ा करवा दिया गया है। इस पूरे मिशन को अंजाम देने में वीरेंद्र परिहार, अजमत खान, मनमोहन सिंह, अजय कुमार, तेजपाल और गंगा सिंह जैसे वन आरक्षियों के साथ चालक आमिर खान, मनोज तिवारी और सुंदर ने अपनी पेशेवर कुशलता का परिचय दिया। इस पूरी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने वालों के लिए अब रामनगर की सीमाएं बेहद तंग हो चुकी हैं।
