सुखवंत सिंह प्रकरण: SIT चीफ नीलेश भरणे ने संभाला मोर्चा, काठगोदाम में क्राइम सीन का किया मुआयना
सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में न्याय की दिशा में कदम बढ़ाते हुए एसआईटी (SIT) अध्यक्ष और आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे अपनी टीम के साथ काठगोदाम पहुंचे। आईजी भरणे ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और एफएसएल (FSL) टीम के माध्यम से मौके से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करवाए। जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस मामले से जुड़ी एफआईआर को अब थाना आईटीआई से थाना काठगोदाम स्थानांतरित कर दिया गया है।
इस संवेदनशील मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी ने कड़े कदम उठाए हैं। ऊधमसिंहनगर पुलिस कार्यालय, थाना आईटीआई और चौकी पैगा समेत सभी संबंधित शाखाओं में मौजूद दस्तावेजों को सुरक्षित (सीज) करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। साथ ही, स्थानीय पुलिस को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे पीड़ित परिवार या गवाहों से किसी भी तरह का अनावश्यक संपर्क न करें।
पीड़ित परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके आवास पर अन्य जनपदों से पुलिस गार्द तैनात की जा रही है। मामले के तकनीकी पहलुओं और डेटा विश्लेषण के लिए एसआईटी में छह विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया है, जिनमें उप निरीक्षक हेमंत कठैत, सोनू सिंह, राधिका भण्डारी और हेड कांस्टेबल विनोद यादव, कमल कुमार व कांस्टेबल गिरीश भट्ट शामिल हैं।
देर शाम एसआईटी चीफ ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि पूरी विवेचना तथ्यों और विधिक प्रावधानों के आधार पर पूरी तरह निष्पक्ष रहेगी। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।