IGRS पर एडी हेल्थ सख्त, IGRS शिकायतों को ‘स्पेशल क्लोज’ कर निस्तारित करने पर सवाल, एडी हेल्थ ने सीएमओ से मांगा जवाब बिना जांच शिकायत बंद करने के आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग में हलचल, 3 दिन में आख्या तलब
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली : स्वास्थ्य विभाग में IGRS शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, बरेली मंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जवाब तलब किया है।
मामला उन शिकायतों से जुड़ा है जिन्हें कथित रूप से “नीति विषयक/स्पेशल क्लोज” श्रेणी में डालकर निस्तारित कर दिया गया, जबकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रकरण में विधिवत जांच और आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।
अपर निदेशक कार्यालय से जारी पत्र में स्पष्ट रूप से पूछा गया है कि आखिर किस आधार पर शिकायतों का निस्तारण बिना जांच के कर दिया गया। साथ ही संबंधित मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत आख्या तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने पहले IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कार्रवाई न होने के बाद मामला उच्च स्तर तक पहुंचाया गया। इसके बाद अपर निदेशक स्तर से हस्तक्षेप करते हुए पूरे प्रकरण पर जवाब मांगा गया है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि शासन की मंशा के अनुरूप IGRS शिकायतों का निस्तारण किया जाए और केवल औपचारिक तरीके से शिकायत बंद करने की प्रवृत्ति से बचा जाए।
इस घटनाक्रम के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में IGRS शिकायतों के निस्तारण प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा हो सकती है।
दरअसल पूर्व में भी कई बार सीएमओ कार्यालय से कई जनसुनवाई और आईजीआरएस के माध्यम से की गई शिकायतों का निस्तारण बिना पूर्ण जांच किए और स्पेशल क्लोज या फिर मांग श्रेणी में डाल करके निस्तारित किया जा चुका है ऐसे कई मामले पहले भी उजागर हो चुके हैं लेकिन अब इस पूरे प्रकरण में एडी हेल्थ डॉक्टर तेजपाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए सीएमओ बरेली डॉक्टर विश्राम सिंह से तत्काल रूप से जवाब तलब किया है फिलहाल देखना होगा क्या अब इसमें आगे कार्रवाई होती है।



