अदिति सिंह का हुंकार सीएम योगी की माता पर टिप्पणी करने वाले मौलाना की अब खैर नहीं!
क्या राजनीति के अखाड़े में मर्यादाओं की बलि दी जा रही है? क्या नफरत की भाषा अब पूजनीय रिश्तों की दहलीज तक पहुँच गई है? सवाल इसलिए खड़ा हुआ है क्योंकि बिहार से उठी एक विवादित आवाज ने उत्तर प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। मामला किसी राजनीतिक बयानबाजी का नहीं, बल्कि सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूज्य माता के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणी का है, जिसने रायबरेली से लेकर लखनऊ तक गुस्से की लहर पैदा कर दी है।
रायबरेली सदर विधायक अदिति सिंह ने मीडिया में प्रसारित हो रहे इस आपत्तिजनक वीडियो पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसकी तीखी निंदा की है। अदिति सिंह का कहना है कि बिहार के मौलाना अब्दुल्लाह सलीम द्वारा मुख्यमंत्री की माता के प्रति इस्तेमाल की गई भाषा न केवल अशोभनीय है, बल्कि भारतीय संस्कृति और सामाजिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि भारत की संस्कृति में माँ को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और किसी की माता के लिए ऐसी घटिया भाषा का प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक ने इसे समाज में वैमनस्य और नफरत फैलाने की एक साजिश करार दिया है।
अदिति सिंह ने इस मामले में प्रशासन और प्रदेश सरकार से सख्त रुख अपनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज है और यहाँ अमर्यादित भाषा या नफरत फैलाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। विधायक ने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी की आस्था और सम्मान को ठेस पहुँचाने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध तत्काल एक्शन लिया जाए ताकि समाज में शांति और सद्भाव की व्यवस्था बनी रहे।
